फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   After counting of votes, the chairs of the police station will move

मतगणना के बाद खिसकेंगी थानादारों की कुर्सियां

Fri, 04 Mar 2022 08:07 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2022 08:07 PM IST
विज्ञापन
After counting of votes, the chairs of the police station will move
विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद जिले में इंस्पेक्टर और थानेदारों की कुर्सियां खिसकनी तय हैं। माना जा रहा है कि मतगणना खत्म होने के बाद जिले में बड़े स्तर पर बड़े स्तर पर तबादले होंगे। इस बीच कई इंस्पेक्टरों और थानेदारों को नई जिम्मेदारी मिलेगी तो कई की कुर्सियां भी छिन सकती हैं। कुर्सी लेने और बचाने के लिए विभाग में सिफारिशों का दौर शुरू हो गया है।
विज्ञापन

विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेशभर में आठ जनवरी को आचार संहिता लागू हो गई थी। इसके साथ ही प्रदेश में सभी विभागों में तबादलों पर रोक लग गई थी। दस मार्च को मतगणना होनी है। मतगणना के तुरंत बाद आचार संहिता हट जाएगी। आचार संहिता हटने का सबसे अधिक असर पुलिस विभाग पर नजर आएगा। माना जा रहा है कि आचार संहिता हटते ही जिले में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल होगा। इसके लिए अभी से ही तैयारी की जा रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि जिले में कई पुलिस अधिकारियों से लेकर इंस्पेक्टर और थानेदारों के बड़े स्तर पर तबादले किए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इंस्पेक्टरों, थानेदारों और दरोगाओं के तबादले होने तय हैं। ऐसे में कई इंस्पेक्टरों और थानेदारों की कुर्सियां छिनेंगी तो जो काफी लंबे समय से एसएसपी कार्यालय में चार्ज मिलने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें नई जिम्मेदारी मिलेगी।
विज्ञापन

दरोगा और सिपाही भी आएंगे जद में
आदर्श आचार संहिता खत्म होने के बाद जिलेभर में कई दरोगाओं और सिपाहियों के भी तबादले तय हैं। दरअसल, आचार संहिता लागू होने के बाद कई दरोगाओं और सिपाहियों ने अपने तबादले रुकवा लिए थे। माना जा रहा है कि इन दरोगाओं और सिपाहियों को अब मूल तैनाती पर जाना पड़ेगा। वहीं, कई दरोगाओं और सिपाहियों ने फिर तबादला रुकवाने के लिए सिफारिश लगानी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चालकों के भी होंगे तबादले
जिलेभर में पुलिस की सरकारी गाड़ियों पर पिछले कई वर्षों से चालकों की तैनाती है। इंस्पेक्टर, थानेदार, दरोगा और पुलिसकर्मियों के तबादले होते रहे हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से एक ही कोतवाली और थानों में जमे कई चालकों के तबादले नहीं हुए। जबकि, इन पर कई बार लेनदेन के आरोप भी लगे हैं। बावजूद इसके यह वहीं जमे हुए हैं। इस बार कई चालक भी तबादले की जद में आ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed