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सहकारिता विभाग की 2200 कुंतल पर सिमटी धान की खरीद
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:21 AM IST
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रुड़की। सहकारिता विभाग की ओर से जिले में लगाए गए सात धान क्रय केंद्र पर खरीद मात्र 22 सौ क्विंटल पर सिमट कर रह गई है। यह खरीद भी सिर्फ लालढांग पर हुई है। इसके अलावा अन्य किसी केंद्र पर कोई खरीद नहीं हुई है। धान का सीजन समाप्त होनेे के बाद अब मात्र कागजों में क्रय केंद्रों की औपचारिकताएं पूरी हो रही है।
सहकारिता विभाग ने जिले में सात क्रय केंद्र लालढांग, गोवर्धनपुर, ऐथल, बेलड़ा, मंगलौर, भगवानपुर व एक अन्य स्थान पर धान की खरीद को लेकर क्रय केंद्र एक अक्तूबर से शुरू किया गया था। सहकारिता विभाग धान खरीद के तमाम दावे कर रहे थे, लेकिन किसानों ने क्रय केंद्रों की ओर रुख न कर विभाग के सारे दावों की पोल खोल दी। लालढांग को छोड़ दे तो किसी भी केंद्र पर कोई खरीद नहीं हुई है। लालढांग पर करीब 22 सौ क्विंटल धान किसानों ने बेचा है। यह आलम तब है जब केंद्र को शुरू हुए करीब ढाई माह का समय गुजर चुका है। वैसे तो विभाग के द्वारा इन क्रय केंद्रों को 31 जनवरी तक संचालित करने के आदेश है, लेकिन किसानों द्वारा धान का सीजन समाप्त करने के बाद कागजों में औपचारिकता पूरी हो रही हैं। उधर, जिला सहायक निबंधक मनोज कुमार पुनेठा ने बताया कि लालढांग पर करीब 22 सौ क्विंटल धान की खरीद हुई है, जिन किसानों ने लालढांग पर धान को बेचा है, उनका भुगतान कर दिया गया है।
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सहकारिता विभाग ने जिले में सात क्रय केंद्र लालढांग, गोवर्धनपुर, ऐथल, बेलड़ा, मंगलौर, भगवानपुर व एक अन्य स्थान पर धान की खरीद को लेकर क्रय केंद्र एक अक्तूबर से शुरू किया गया था। सहकारिता विभाग धान खरीद के तमाम दावे कर रहे थे, लेकिन किसानों ने क्रय केंद्रों की ओर रुख न कर विभाग के सारे दावों की पोल खोल दी। लालढांग को छोड़ दे तो किसी भी केंद्र पर कोई खरीद नहीं हुई है। लालढांग पर करीब 22 सौ क्विंटल धान किसानों ने बेचा है। यह आलम तब है जब केंद्र को शुरू हुए करीब ढाई माह का समय गुजर चुका है। वैसे तो विभाग के द्वारा इन क्रय केंद्रों को 31 जनवरी तक संचालित करने के आदेश है, लेकिन किसानों द्वारा धान का सीजन समाप्त करने के बाद कागजों में औपचारिकता पूरी हो रही हैं। उधर, जिला सहायक निबंधक मनोज कुमार पुनेठा ने बताया कि लालढांग पर करीब 22 सौ क्विंटल धान की खरीद हुई है, जिन किसानों ने लालढांग पर धान को बेचा है, उनका भुगतान कर दिया गया है।
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