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हंगामे के बीच बोर्ड की पहली बैठक में 62 प्रस्ताव पास
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रुड़की नगर निगम में आयोजित बोर्ड की बैठक में मौजूद पार्षद व अधिकारी।
- फोटो : ROORKEE
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नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक बृहस्पतिवार को हुई। इसमें शहरवासियों को राहत देते हुए हाउस टैक्स की बढ़ी हुईं दरें वापस लिए जाने संबंधी प्रस्ताव पास हो गया। अब यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसके अलावा बैठक में 231 कर्मचारियों को नियमित किए जाने को भी हरी झंडी दे दी गई। जैसी कि आशंका थी, बैठक हंगामेदार रही। इस बीच 67 में से 62 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई।
इस बीच 12 प्रस्तावों पर पार्षदों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई, जिन्हें क्लियर किया गया। वहीं, 15 प्रस्तावों के लिए समितियों का गठन किया गया है। निगम का हॉल बृहस्पतिवार सुबह से ही खचाखच भरा था। करीब सवा 11 बजे जैसे ही बैठक शुरू हुई, हंगामा भी शुरू हो गया। आलम यह था कि करीब एक घंटे तक अव्यवस्थाओं के बीच महज चार पांच प्रस्ताव ही पास हो पाए।
इस बीच झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल के बोलने पर मेयर के अलावा पार्षदों ने भी विरोध जता दिया। हंगामा बढ़ा तो शहर विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि बोर्ड में बोलने का ज्यादा अधिकार पार्षदों का है। इसलिए अब विधायक नहीं, बल्कि पार्षदों की बात सुनी जाएगी। इसके बाद एक-एक कर प्रस्तावों ने गति पकड़ी।
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बीच-बीच में पार्षदों की गुस्से, टकराव और हंगामे का सिलसिला चलता रहा। करीब पांच घंटे की लंबी बैठक के बाद कुल 67 प्रस्तावों में से 62 पर मुहर लगा दी गई। इस दौरान कुल 99 करोड़ 50 लाख 445 रुपये का बजट पेश हुआ। जिसमें वर्तमान सत्र का करीब 47 करोड़ और इससे पहले की अवशेष धनराशि 51 करोड़ 63 लाख शामिल है।
बोर्ड बैठक में पास हुए मुख्य प्रस्ताव:
- नगर निगम में डिस्पेंसरी स्थापित करने, कैंटीन बनाने, नेहरू स्टेडियम के सौंदर्यीकरण समेत 12 अन्य कार्य होंगे।
- नगर निगम की दुकानों और क्वार्टर्स में नाम बदलने के लिए प्रीमियम और किराए में वृद्धि कम करने।
- नगर निगम में आउटसोर्स एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों और विभिन्न अनुभागों में कार्यरत 231 कर्मचारियों के पदों को वन टाइम ओनली के अंतर्गत नियमित पदों में परिवर्तित किया जाएगा।
- नगर निगम में आउटसोर्स में रखे गए कर्मचारियों के ऊपर होने वाले खर्च हो रहा है, बावजूद इसके वह कोई काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उनकी जांच कर हटाए जाया। साथ ही बायोमीट्रिक मशीन भी लगाई जाएगी।
- नगर निगम में पेंशनधारियों के लिए सेल बनाकर एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। जिससे वह घर बैठे कार्य कर सकें।
- प्रत्येक वार्ड में स्ट्रीट लाइट और बिजली के खंभे लगेंगे।
- नगर निगम में स्वास्थ्य अनुभाव का विस्तार और अधिक कर्मचारियों की होगी तैनाती।
- नगर निगम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनेगा कक्ष।
- कृष्णानगर, राजेंद्रनगर और शास्त्रीनगर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग का नाम शहीद तुषार धीमान के नाम पर होगा।
- मछली बाजार के लिए मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनेगी।
- रुड़की नगर निगम सभागार के जीर्णोद्धार और निगम के संसाधनों से ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा।
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ये हुए रदद-
-नगर निगम में किन्नरों के लिए बधाई शुल्क निर्धारित न किए जाने का प्रस्ताव।
-सभी पार्षदों के इंदौर घूमने जाने का प्रस्ताव।
-सोलानीपुरम के दो मोहल्लों प्रेम कुंज और सोलानीपुरम को मलकपुर से अलग करने का प्रस्ताव।
-समितियों, बोर्ड और संस्थाओं की ओर से कार्यालय खोलने के लिए निगम की भूमि मांगने का प्रस्ताव रद्द।
-अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट और कूड़े डालने के लिए नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड की मांग रद्द।
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इस बीच 12 प्रस्तावों पर पार्षदों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई, जिन्हें क्लियर किया गया। वहीं, 15 प्रस्तावों के लिए समितियों का गठन किया गया है। निगम का हॉल बृहस्पतिवार सुबह से ही खचाखच भरा था। करीब सवा 11 बजे जैसे ही बैठक शुरू हुई, हंगामा भी शुरू हो गया। आलम यह था कि करीब एक घंटे तक अव्यवस्थाओं के बीच महज चार पांच प्रस्ताव ही पास हो पाए।
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इस बीच झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल के बोलने पर मेयर के अलावा पार्षदों ने भी विरोध जता दिया। हंगामा बढ़ा तो शहर विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि बोर्ड में बोलने का ज्यादा अधिकार पार्षदों का है। इसलिए अब विधायक नहीं, बल्कि पार्षदों की बात सुनी जाएगी। इसके बाद एक-एक कर प्रस्तावों ने गति पकड़ी।
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बीच-बीच में पार्षदों की गुस्से, टकराव और हंगामे का सिलसिला चलता रहा। करीब पांच घंटे की लंबी बैठक के बाद कुल 67 प्रस्तावों में से 62 पर मुहर लगा दी गई। इस दौरान कुल 99 करोड़ 50 लाख 445 रुपये का बजट पेश हुआ। जिसमें वर्तमान सत्र का करीब 47 करोड़ और इससे पहले की अवशेष धनराशि 51 करोड़ 63 लाख शामिल है।
बोर्ड बैठक में पास हुए मुख्य प्रस्ताव:
- नगर निगम में डिस्पेंसरी स्थापित करने, कैंटीन बनाने, नेहरू स्टेडियम के सौंदर्यीकरण समेत 12 अन्य कार्य होंगे।
- नगर निगम की दुकानों और क्वार्टर्स में नाम बदलने के लिए प्रीमियम और किराए में वृद्धि कम करने।
- नगर निगम में आउटसोर्स एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों और विभिन्न अनुभागों में कार्यरत 231 कर्मचारियों के पदों को वन टाइम ओनली के अंतर्गत नियमित पदों में परिवर्तित किया जाएगा।
- नगर निगम में आउटसोर्स में रखे गए कर्मचारियों के ऊपर होने वाले खर्च हो रहा है, बावजूद इसके वह कोई काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उनकी जांच कर हटाए जाया। साथ ही बायोमीट्रिक मशीन भी लगाई जाएगी।
- नगर निगम में पेंशनधारियों के लिए सेल बनाकर एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। जिससे वह घर बैठे कार्य कर सकें।
- प्रत्येक वार्ड में स्ट्रीट लाइट और बिजली के खंभे लगेंगे।
- नगर निगम में स्वास्थ्य अनुभाव का विस्तार और अधिक कर्मचारियों की होगी तैनाती।
- नगर निगम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनेगा कक्ष।
- कृष्णानगर, राजेंद्रनगर और शास्त्रीनगर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग का नाम शहीद तुषार धीमान के नाम पर होगा।
- मछली बाजार के लिए मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनेगी।
- रुड़की नगर निगम सभागार के जीर्णोद्धार और निगम के संसाधनों से ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा।
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ये हुए रदद-
-नगर निगम में किन्नरों के लिए बधाई शुल्क निर्धारित न किए जाने का प्रस्ताव।
-सभी पार्षदों के इंदौर घूमने जाने का प्रस्ताव।
-सोलानीपुरम के दो मोहल्लों प्रेम कुंज और सोलानीपुरम को मलकपुर से अलग करने का प्रस्ताव।
-समितियों, बोर्ड और संस्थाओं की ओर से कार्यालय खोलने के लिए निगम की भूमि मांगने का प्रस्ताव रद्द।
-अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट और कूड़े डालने के लिए नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड की मांग रद्द।