{"_id":"5aef54394f1c1ba0098b85e2","slug":"51525634105-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो स्कूलों का कम छात्र संख्या के कारण विलयीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो स्कूलों का कम छात्र संख्या के कारण विलयीकरण
Updated Mon, 07 May 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। लक्सर ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय लादपुर खुर्द और राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिर बस्ती में छात्र संख्या कम होने के कारण दोनों का विलय कर दिया है। इन दोनों स्कूलों के कुल सात बच्चों को पास के स्कूलों में मर्ज कर दिया है।
पिछले दिनों शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिले के अधिकारियों ने उन स्कूलों के आंकड़े तलब किए थे जिनमें दस से कम छात्र हैं। साथ ही ऐसे स्कूलों के निकटतम स्कूलों की भी जानकारी मांगी थी। इस पर लक्सर ब्लॉक से दो स्कूलों की जानकारी विभागीय अधिकारियों को भेजी गई थी। जिनमें पहला राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिर बस्ती का स्कूल है। इस स्कूल में छात्र संख्या मात्र पांच थी। विभागीय अधिकारियों के आदेश पर इस स्कूल को तिलकपुर के प्राथमिक विद्यालय में मर्ज कर दिया है। राजकीय प्राथमिक स्कूल लादपुर खुर्द में मात्र दो छात्र होने पर इसे लादपुर कलां गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में मर्ज कर दिया है। लक्सर ब्लाक में जहां इस वर्ष दो स्कूलों का विलय हुआ है, वहीं पिछले वर्ष भगवानपुर ब्लॉक के घाड़ क्षेत्र में दो स्कूलों की छात्र संख्या कम होने पर विलय हुआ था।
---------
विभागीय आदेश पर राजकीय प्राथमिक स्कूल सिर बस्ती और लादपुर खुर्द का विलय पास के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में कर दिया है। इन स्कूलों में छात्र संख्या दस से भी कम थी।
विज्ञापन
-- विमला देवी, उपशिक्षा अधिकारी, लक्सर
---
प्राइवेट स्कूल और मदरसों का भी पड़ रहा असर
- सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता जगजाहिर है। जिसके कारण अभिभावक अपने बच्चों को इन स्कूलों में भेजने से परहेज करते हैं। इसके साथ ही गली मोहल्ले में खुल रहे निजी स्कूल और मदरसे खुलना भी सरकारी स्कूलों में बच्चों की कम संख्या का कारण बन रहे हैं। इस वर्ष जहां पचास से अधिक निजी स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था। मदरसों के लिए कई आवेदन किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पिछले दिनों शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिले के अधिकारियों ने उन स्कूलों के आंकड़े तलब किए थे जिनमें दस से कम छात्र हैं। साथ ही ऐसे स्कूलों के निकटतम स्कूलों की भी जानकारी मांगी थी। इस पर लक्सर ब्लॉक से दो स्कूलों की जानकारी विभागीय अधिकारियों को भेजी गई थी। जिनमें पहला राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिर बस्ती का स्कूल है। इस स्कूल में छात्र संख्या मात्र पांच थी। विभागीय अधिकारियों के आदेश पर इस स्कूल को तिलकपुर के प्राथमिक विद्यालय में मर्ज कर दिया है। राजकीय प्राथमिक स्कूल लादपुर खुर्द में मात्र दो छात्र होने पर इसे लादपुर कलां गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में मर्ज कर दिया है। लक्सर ब्लाक में जहां इस वर्ष दो स्कूलों का विलय हुआ है, वहीं पिछले वर्ष भगवानपुर ब्लॉक के घाड़ क्षेत्र में दो स्कूलों की छात्र संख्या कम होने पर विलय हुआ था।
विज्ञापन
---------
विभागीय आदेश पर राजकीय प्राथमिक स्कूल सिर बस्ती और लादपुर खुर्द का विलय पास के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में कर दिया है। इन स्कूलों में छात्र संख्या दस से भी कम थी।
विज्ञापन
-- विमला देवी, उपशिक्षा अधिकारी, लक्सर
---
प्राइवेट स्कूल और मदरसों का भी पड़ रहा असर
- सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता जगजाहिर है। जिसके कारण अभिभावक अपने बच्चों को इन स्कूलों में भेजने से परहेज करते हैं। इसके साथ ही गली मोहल्ले में खुल रहे निजी स्कूल और मदरसे खुलना भी सरकारी स्कूलों में बच्चों की कम संख्या का कारण बन रहे हैं। इस वर्ष जहां पचास से अधिक निजी स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था। मदरसों के लिए कई आवेदन किए जा रहे हैं।