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श्रावण मास में बढ़ जाती है प्राचीन शिवालयों की महता -
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की/लक्सर। कल्याण और मुक्ति का प्रतीक श्रावण मास शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। श्रावण मास शुरू होने के साथ ही कांवड़ पटरी और हाईवे पर शिव भक्तों का रेला दौड़ेगा तो प्राचीन शिवमंदिरों की भी महत्ता बढ़ जाएगी। क्षेत्र में कई ऐसे शिव स्थल है, जहां विभिन्न प्रदेशों से श्रद्धालु पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं।
श्रावण मास में प्राचीन शिव मंदिरों की महत्ता और बढ़ जाती है। इन मंदिरों से गांव के युवक कांवड़ लेकर नीलकंठ जाते हैं। अन्य क्षेत्रों से भी युवक यहां जल चढ़ाने आते हैं। 28 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले से पहले इन मंदिरों की साज-सज्जा की जा रही है। कई मंदिरों को लाइटिंग कर सजाया गया है। मंदिरों के बाहर शिव भक्तों की ओर से भंडारा भी लगाया जाता है। मंदिर में जलाभिषेक करने वालों के साथ ही कांवड़ लेकर जा रहे कांवडियों को भोजन कराया जाता है। भंडारे के लिए गांवों के युवा स्वयं ही चंदा एकत्रित कर जलपान की व्यवस्था करते हैं।
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यह हैं क्षेत्र के पौराणिक मंदिर
रुड़की-सिविल लाइन स्थित प्राचीन शिवमंदिर, रामनगर स्थित शिवमंदिर, सिविल लाइन स्थित प्रेममंदिर आदि हैं।
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लक्सर-
सीमली मोहल्ले का प्राचीन शिव मंदिर, शिवपुर मोहल्ले स्थित शिव मंदिर।
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सुल्तानपुर-
मुहानी नदी स्थित पंचलेश्वर महादेव मंदिर।
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कलियर-
महमूदपुर स्थित प्राचीन कर्णधाम मंदिर, ईमलीखेड़ा का प्राचीन शिव मंदिर, मेहवड़ कलां का प्राचीन शिवमंदिर, मेहवड़ खुर्द स्थित प्राचीन शिव मंदिर। बाजूहेड़ी स्थित प्राचीन शिवमंदिर।
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झबरेड़ा- मानसी शिवमंदिर-यह मंदिर यूपी लखनौता की सीमा में यूपी में हैं, लखनौता के सैकड़ों लोग इसी मंदिर में जलाभिषेक करने जाते हैं।
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भगवानपुर- 150 साल पुराना प्राचीन शिव मंदिर, यहं मंदिर भगवानपुर कस्बे में बना है।
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मंगलौर- टांडा भनेड़ा मार्ग पर स्थित अंशु प्राचीन मंदिर।
चौक बाजार स्थित शिव मंदिर, रजवाहे की पटरी पर स्थित खुरमा वाली मंदिर।
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कांवड़ पर रेलवे स्टेशन रहेगा चाक चौबंद
रेलवे पुलिस ने मांगा अतिरिक्त फोर्स
यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर लगे मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। 28 जुलाई से होने वाले कांवड़ मेले को लेकर रेलवे ने पूरी तैयारी कर ली है। रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त फोर्स की मांग की गई है। बताया गया है कि विभिन्न जगहों से 27 जुलाई को रुड़की और लक्सर रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त फोर्स पहुंच जाएगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान रेलवे प्रशासन ने ट्रेन की छत पर यात्रा करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने के लिए पुलिस फोर्स तैनात करने का निर्णय लिया है। यात्रियों को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशन पर उद्घोष भी किेया जाएगा। रेलवे स्टेशन लक्सर पर अभी आरपीएफ थाने में एक इंस्पेक्टर, एक एसआई, दो एएसआई के अलावा 15 कांस्टेबल तैनात हैं। वहीं रुड़की रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ चौकी पर एक एसआई, दो एएसआई, दो हेड कांस्टेबल व 10 कांस्टेबल तैनात हैं। वहीं राजकीय रेलवे पुलिस जीआरपी में लक्सर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक एसआई, चार हेड कांस्टेबल व 21 कांस्टेबल मौजूद है। वहीं रुड़की रेलवे स्टेशन पर जीआरपी चौकी पर एक एसआई, दो एएसआई, दो महिला कांस्टेबल व 15 कांस्टेबल तैनात है। रेलवे विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने रेलवे के उच्चाधिकारियों से कांवड़ यात्रा को सफल बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दोनों थानों ने एक- एक बटालियन की मांग की है। जिसको लेकर रेलवे ने 27 जुलाई को रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त फोर्स देगा। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर डॉग स्क्वायड के अलावा रेलवे स्टेशन के मेन गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। इससे रेलवे के हर यात्रियों को सुरक्षा से गुजरना होगा।
आज करेंगे एएसपी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण
रुड़की। कांवड़ यात्रा के तैयारी को अमली जामा पहनाने के लिए एएसपी चुड़ियाला रेलवे स्टेशन से लेकर बालावाली तक रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर रेलवे पुलिस ने बृहस्पतिवार को एएसपी प्रकाश शाह सुबह 11 बजे रेलवे स्टेशन चुड़ियाला पहुंचेंगे । इसके बाद वह इकबालपुर रेलवे स्टेशन, रुड़की रेलवे स्टेशन, ढंडेरा रेलवे स्टेशन, लंढौरा, डोसनी, लक्सर, रायसी व बालावाली रेलवे स्टेशन तक जाऐंगे। जहां वह सुरक्षा का जायजा लेंगे।
रुड़की/लक्सर। कल्याण और मुक्ति का प्रतीक श्रावण मास शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। श्रावण मास शुरू होने के साथ ही कांवड़ पटरी और हाईवे पर शिव भक्तों का रेला दौड़ेगा तो प्राचीन शिवमंदिरों की भी महत्ता बढ़ जाएगी। क्षेत्र में कई ऐसे शिव स्थल है, जहां विभिन्न प्रदेशों से श्रद्धालु पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं।
श्रावण मास में प्राचीन शिव मंदिरों की महत्ता और बढ़ जाती है। इन मंदिरों से गांव के युवक कांवड़ लेकर नीलकंठ जाते हैं। अन्य क्षेत्रों से भी युवक यहां जल चढ़ाने आते हैं। 28 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले से पहले इन मंदिरों की साज-सज्जा की जा रही है। कई मंदिरों को लाइटिंग कर सजाया गया है। मंदिरों के बाहर शिव भक्तों की ओर से भंडारा भी लगाया जाता है। मंदिर में जलाभिषेक करने वालों के साथ ही कांवड़ लेकर जा रहे कांवडियों को भोजन कराया जाता है। भंडारे के लिए गांवों के युवा स्वयं ही चंदा एकत्रित कर जलपान की व्यवस्था करते हैं।
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यह हैं क्षेत्र के पौराणिक मंदिर
रुड़की-सिविल लाइन स्थित प्राचीन शिवमंदिर, रामनगर स्थित शिवमंदिर, सिविल लाइन स्थित प्रेममंदिर आदि हैं।
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लक्सर-
सीमली मोहल्ले का प्राचीन शिव मंदिर, शिवपुर मोहल्ले स्थित शिव मंदिर।
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सुल्तानपुर-
मुहानी नदी स्थित पंचलेश्वर महादेव मंदिर।
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कलियर-
महमूदपुर स्थित प्राचीन कर्णधाम मंदिर, ईमलीखेड़ा का प्राचीन शिव मंदिर, मेहवड़ कलां का प्राचीन शिवमंदिर, मेहवड़ खुर्द स्थित प्राचीन शिव मंदिर। बाजूहेड़ी स्थित प्राचीन शिवमंदिर।
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झबरेड़ा- मानसी शिवमंदिर-यह मंदिर यूपी लखनौता की सीमा में यूपी में हैं, लखनौता के सैकड़ों लोग इसी मंदिर में जलाभिषेक करने जाते हैं।
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भगवानपुर- 150 साल पुराना प्राचीन शिव मंदिर, यहं मंदिर भगवानपुर कस्बे में बना है।
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मंगलौर- टांडा भनेड़ा मार्ग पर स्थित अंशु प्राचीन मंदिर।
चौक बाजार स्थित शिव मंदिर, रजवाहे की पटरी पर स्थित खुरमा वाली मंदिर।
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कांवड़ पर रेलवे स्टेशन रहेगा चाक चौबंद
रेलवे पुलिस ने मांगा अतिरिक्त फोर्स
यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर लगे मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। 28 जुलाई से होने वाले कांवड़ मेले को लेकर रेलवे ने पूरी तैयारी कर ली है। रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त फोर्स की मांग की गई है। बताया गया है कि विभिन्न जगहों से 27 जुलाई को रुड़की और लक्सर रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त फोर्स पहुंच जाएगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान रेलवे प्रशासन ने ट्रेन की छत पर यात्रा करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने के लिए पुलिस फोर्स तैनात करने का निर्णय लिया है। यात्रियों को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशन पर उद्घोष भी किेया जाएगा। रेलवे स्टेशन लक्सर पर अभी आरपीएफ थाने में एक इंस्पेक्टर, एक एसआई, दो एएसआई के अलावा 15 कांस्टेबल तैनात हैं। वहीं रुड़की रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ चौकी पर एक एसआई, दो एएसआई, दो हेड कांस्टेबल व 10 कांस्टेबल तैनात हैं। वहीं राजकीय रेलवे पुलिस जीआरपी में लक्सर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक एसआई, चार हेड कांस्टेबल व 21 कांस्टेबल मौजूद है। वहीं रुड़की रेलवे स्टेशन पर जीआरपी चौकी पर एक एसआई, दो एएसआई, दो महिला कांस्टेबल व 15 कांस्टेबल तैनात है। रेलवे विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने रेलवे के उच्चाधिकारियों से कांवड़ यात्रा को सफल बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दोनों थानों ने एक- एक बटालियन की मांग की है। जिसको लेकर रेलवे ने 27 जुलाई को रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त फोर्स देगा। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर डॉग स्क्वायड के अलावा रेलवे स्टेशन के मेन गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। इससे रेलवे के हर यात्रियों को सुरक्षा से गुजरना होगा।
आज करेंगे एएसपी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण
रुड़की। कांवड़ यात्रा के तैयारी को अमली जामा पहनाने के लिए एएसपी चुड़ियाला रेलवे स्टेशन से लेकर बालावाली तक रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर रेलवे पुलिस ने बृहस्पतिवार को एएसपी प्रकाश शाह सुबह 11 बजे रेलवे स्टेशन चुड़ियाला पहुंचेंगे । इसके बाद वह इकबालपुर रेलवे स्टेशन, रुड़की रेलवे स्टेशन, ढंडेरा रेलवे स्टेशन, लंढौरा, डोसनी, लक्सर, रायसी व बालावाली रेलवे स्टेशन तक जाऐंगे। जहां वह सुरक्षा का जायजा लेंगे।