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25 से 35 फीसद गेहूं की फसल बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Fri, 07 Apr 2017 10:22 PM IST
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बारिश के साथ आई हवाओं एवं ओलावृष्टि से कृषि एवं प्रशासन के आकलन में 25 से 35 प्रतिशत तक गेहूं की फसल को नुकसान होना सामने आया है, हालांकि दोनों विभागों प्रथम सर्वे अलग आने से आज शनिवार से राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम गांव-गांव जाकर वास्तविक सर्वे करेगी। इसके बाद नुकसान का सही पता चल पाएगा।
जनपद में करीब 46 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की फसल खड़ी है। किसान इसे काटकर घर लाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन बुधवार से हवाओं के साथ-साथ बूंदा-बांदी शुरू हो गई। बृहस्पतिवार रात तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। इसका जायजा लेने के लिए प्रशासनिक एवं कृषि अधिकारियों के निर्देश पर लेखपालों एवं कृषि कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर सर्वे किया, लेकिन अब जो नुकसान के आकलन की रिपोर्ट लेखपाल दे रहे हैं उसमें 25 प्रतिशत तक नुकसान होना बता रहे हैं। इसके अलावा मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी के निर्देश पर कृषि विभाग के कर्मचारियों ने नुकसान का जायजा लिया। उसमें वह 35 प्रतिशत तक नुकसान होने का दावा कर रहे हैं। इसी को देखते हुए जिला जिला प्रशासन ने राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम को संयुक्त रूप से सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं। आज शनिवार से दोनों विभागों की संयुक्त टीम गांव-गांव जाकर गेहूं की फसल को हुए नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट अपनी-अपनी तहसीलों में जमा कराएंगे।
राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम संयुक्त रूप से शनिवार से फार्मर-टू फार्मर योजना के तहत नुकसान का सर्वे करेगी। उसके बाद ही असल रिपोर्ट सामने आ पाएगी। दोनों संयुक्त रूप से सर्व कर रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को देंगे।
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जेपी तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी, हरिद्वार
आम एवं सरसों की फसल को भी नुकसान
बृहस्पतिवार देर शाम हुई बारिश से आम का बौर भी झड़ गया। साथ ही जई, सरसों, मसूर को भी नुकसान पहुंचा। किसान मांगेराम ओमसिंह, विजयपाल, मेनपाल, सुनील राणा ने बताया कि गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि से दाने गिर गए। हर चारा भी खत्म हो गया है। इन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है। कुड़कावाला निवासी सुरेंद्र सिंह, बेदपाल सिंह, बदरजुड़ निवासी इमरान चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में गांव में थोड़ी भूमि है। इनमें खड़ी फसल भी खराब होने से वह सड़क पर आ गए हैं। भगवानपुर क्षेत्र के किसान अनिल चौधरी, राजकुमार, मनोज, मामचंद आदि ने मुआवजा की मांग की है।
किसान संगठनों ने मांगा मुआवजा
उत्तराखंड किसान मोर्चा की बेलड़ा में हुई बैठक में अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि बृहस्पतिवार को आई दैवी आपदा से किसान की गेहूं की फसल तबाह हो गई है। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से किसानों ने कर्ज माफ कर दिया है। इससे उत्तराखंड सरकार को भी किसानों का फसली ऋण माफ कर देना चाहिए। मौके पर अनिल सैनी, चौधरी राजेंद्र सिंह, संदीप रोड़, महक सिंह, रमेश, विनोद रोड़, पंडित कालूराम, मान सिंह, जितेंद्र, अनिल, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे। अखिल भारतीय किसान यूनियन ने भी तहसील पहुंचकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित को ज्ञापन देकर नष्ट हुई फसलों का मुआवजा एवं सरकार से ऋण माफ करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अशोक कुमार, लोकेश कुमार, राकेश लौहान, मांगेराम, रामपाल सिंह, सुरेंद्र राठी, विरेंद्र लालू, सुखपाल आदि मौजूद रहे।
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जनपद में करीब 46 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की फसल खड़ी है। किसान इसे काटकर घर लाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन बुधवार से हवाओं के साथ-साथ बूंदा-बांदी शुरू हो गई। बृहस्पतिवार रात तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। इसका जायजा लेने के लिए प्रशासनिक एवं कृषि अधिकारियों के निर्देश पर लेखपालों एवं कृषि कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर सर्वे किया, लेकिन अब जो नुकसान के आकलन की रिपोर्ट लेखपाल दे रहे हैं उसमें 25 प्रतिशत तक नुकसान होना बता रहे हैं। इसके अलावा मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी के निर्देश पर कृषि विभाग के कर्मचारियों ने नुकसान का जायजा लिया। उसमें वह 35 प्रतिशत तक नुकसान होने का दावा कर रहे हैं। इसी को देखते हुए जिला जिला प्रशासन ने राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम को संयुक्त रूप से सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं। आज शनिवार से दोनों विभागों की संयुक्त टीम गांव-गांव जाकर गेहूं की फसल को हुए नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट अपनी-अपनी तहसीलों में जमा कराएंगे।
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राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम संयुक्त रूप से शनिवार से फार्मर-टू फार्मर योजना के तहत नुकसान का सर्वे करेगी। उसके बाद ही असल रिपोर्ट सामने आ पाएगी। दोनों संयुक्त रूप से सर्व कर रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को देंगे।
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जेपी तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी, हरिद्वार
आम एवं सरसों की फसल को भी नुकसान
बृहस्पतिवार देर शाम हुई बारिश से आम का बौर भी झड़ गया। साथ ही जई, सरसों, मसूर को भी नुकसान पहुंचा। किसान मांगेराम ओमसिंह, विजयपाल, मेनपाल, सुनील राणा ने बताया कि गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि से दाने गिर गए। हर चारा भी खत्म हो गया है। इन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है। कुड़कावाला निवासी सुरेंद्र सिंह, बेदपाल सिंह, बदरजुड़ निवासी इमरान चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में गांव में थोड़ी भूमि है। इनमें खड़ी फसल भी खराब होने से वह सड़क पर आ गए हैं। भगवानपुर क्षेत्र के किसान अनिल चौधरी, राजकुमार, मनोज, मामचंद आदि ने मुआवजा की मांग की है।
किसान संगठनों ने मांगा मुआवजा
उत्तराखंड किसान मोर्चा की बेलड़ा में हुई बैठक में अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि बृहस्पतिवार को आई दैवी आपदा से किसान की गेहूं की फसल तबाह हो गई है। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से किसानों ने कर्ज माफ कर दिया है। इससे उत्तराखंड सरकार को भी किसानों का फसली ऋण माफ कर देना चाहिए। मौके पर अनिल सैनी, चौधरी राजेंद्र सिंह, संदीप रोड़, महक सिंह, रमेश, विनोद रोड़, पंडित कालूराम, मान सिंह, जितेंद्र, अनिल, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे। अखिल भारतीय किसान यूनियन ने भी तहसील पहुंचकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित को ज्ञापन देकर नष्ट हुई फसलों का मुआवजा एवं सरकार से ऋण माफ करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अशोक कुमार, लोकेश कुमार, राकेश लौहान, मांगेराम, रामपाल सिंह, सुरेंद्र राठी, विरेंद्र लालू, सुखपाल आदि मौजूद रहे।