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हिंदी में कार्य करने का लिया संकल्प
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:27 AM IST
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रुड़की। राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की की ओर से आईआईटी में राजभाषा नीति, हिंदी नोटिंग, ड्राफ्टिंग और पत्र लेखन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ.एनसी घोष ने किया।
इस अवसर पर जयंती प्रसाद नौटियाल ने कहा कि हमें राजभाषा के साथ- साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने राजभाषा के वर्तमान स्वरूप पर और हिंदी को विश्व में प्रथम स्थान पर स्थापित करने के लिए अपने शोध के विषय में जानकारी दी। डॉ.मनोहर अरोड़ा ने सभी प्रतिभागियों को ज्यादा से ज्यादा काम हिंदी में करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए ही कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। अधिक से अधिक काम हिंदी में करें तभी इस कार्यशाला का उद्देश्य पूर्ण होगा। इस दौरान प्रतिभागियों ने हिंदी में ही काम करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ.जेपी पात्रा, नरेश कुमार, पवन कुमार, एनके भटनागर, मौहर सिंह, संजीव सत्यार्थी, रामकुमार, दौलतराम, श्यामकुमार, सत्यप्रकाश, सीमा भाटिया, महिमा गुप्ता, बबीता शर्मा, अलका, वेदपाल, महिपाल, प्रदीप कुमार, जेएस बिष्ट, आशीष बनर्जी, ओमप्रकाश, रामचंद्र, राजेंद्र कुमार, नरेश सैनी, सुभाष, पीके गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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इस अवसर पर जयंती प्रसाद नौटियाल ने कहा कि हमें राजभाषा के साथ- साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने राजभाषा के वर्तमान स्वरूप पर और हिंदी को विश्व में प्रथम स्थान पर स्थापित करने के लिए अपने शोध के विषय में जानकारी दी। डॉ.मनोहर अरोड़ा ने सभी प्रतिभागियों को ज्यादा से ज्यादा काम हिंदी में करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए ही कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। अधिक से अधिक काम हिंदी में करें तभी इस कार्यशाला का उद्देश्य पूर्ण होगा। इस दौरान प्रतिभागियों ने हिंदी में ही काम करने का संकल्प लिया।
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इस अवसर पर डॉ.जेपी पात्रा, नरेश कुमार, पवन कुमार, एनके भटनागर, मौहर सिंह, संजीव सत्यार्थी, रामकुमार, दौलतराम, श्यामकुमार, सत्यप्रकाश, सीमा भाटिया, महिमा गुप्ता, बबीता शर्मा, अलका, वेदपाल, महिपाल, प्रदीप कुमार, जेएस बिष्ट, आशीष बनर्जी, ओमप्रकाश, रामचंद्र, राजेंद्र कुमार, नरेश सैनी, सुभाष, पीके गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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