फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   स्वच्छ भारत अभियान: नगर निगम के शौचालयों के बुरे हाल

स्वच्छ भारत अभियान: नगर निगम के शौचालयों के बुरे हाल

Wed, 28 Mar 2018 12:11 AM IST
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:11 AM IST
विज्ञापन
स्वच्छ भारत अभियान: नगर निगम के शौचालयों के बुरे हाल
रुड़की। भले ही नगर की सरकार यानी नगर निगम स्वच्छता का ढिंडोरा पीट रही हो, लेकिन हकीकत इसके एकदम उलट है। अफसोसजनक यह है कि सीवर और ड्रेनेज का गंदा पानी सीधे गंगनहर और सोलानी नदी में छोड़ा जा रहा है। स्वच्छता अभियान की पोल ताले लगे टॉयलेट खोल रहे हैं। ऐसे में आम आदमी भी यही सवाल कर रहा है कि यह कैसा स्वच्छता अभियान है।
विज्ञापन

स्वच्छ भारत अभियान को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जागरूकता के लिए स्वच्छता एप तक बनाए गए हैं। इस एप से लोग स्वच्छता संबंधी समस्याओं, उनके समाधान और कहां संपर्क करें आदि जानकारी को अपलोड कर सकते हैं। शहरी विकास विभाग की ओर से नगरों और कस्बों मे नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है, लेकिन रुड़की नगर में स्वच्छ भारत अभियान को लेकर जो लापरवाही बरती जा रही है वह अभियान पर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में नगर निगम की स्वच्छता को लेकर यह कदम मात्र कागजी साबित हो रहे हैं। नगर निगम की ओर से एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण न किए जाने से शहर का सीवर और नाले का गंदा पानी सोलानी में बहाया जा रहा है जिससे नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन का यह कदम स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखा रहा है।
विज्ञापन

अधिकांश शौचालयों पर लटके मिले ताले
रुड़की। नगर निगम ने अपने क्षेत्र में 13 जगह शौचालय बनाए हैं। इनमें से अधिकतर पर या तो ताले लटके हैं या फिर गंदगी से बुरा हाल है। निगम परिसर स्थित ही पांच शौचालयों में से चार पर ताले लटके हुए हैं। पांचवें की सफाई व्यवस्था ही दुरुस्त नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन शौचालयों की सफाई के लिए सफाई कर्मियों की लंबी फौज है। वार्डवार कर्मियों को इसकी जिम्मेदारी भी दी हुई है। फिर भी शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है। मंगलवार सुबह 11:15 बजे अमर उजाला की टीम ने नेहरू स्टेडियम स्थित शौचालय का निरीक्षण किया। यहां चार शौचालय बनाए हुए हैं। छत पर पानी की टंकी भी लगी है, लेकिन शौचालयों में पानी न आने और रेगुलर सफाई न होने से इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। यहीं हाल सोत चौकी स्थित शौचालय का है। बीटीगंज स्थित पैथोलॉजी लैब के सामने यूरिनल की सफाई भी ठीक नहीं थी। बदबू से बचने के लिए कई लोग नाक में रुमाल लगाए हुए थे। रुड़की टाकीज चौक (हाईवे) पर अधूरा यूरिनल भी गंदगी से अटा पड़ा था। रोडवेज बस अड्डे में भी निर्माणाधीन यूरिनल भी बेकार साबित हो रहा था।
अपने घर को तो दुरुस्त करो साहब!
नगर निगम परिसर में भी स्वच्छ भारत अभियान को मखौल उड़ाया जा रहा है। यहां निगम प्रशासन की ओर से लाखों रुपये खर्च कर शौचालय का निर्माण किया गया है। पांच में से चार शौचालयों पर ताला लटका होना निगम की सोच पर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में लोगों का कहना है कि नगर निगम जब अपने ही घर के शौचालयों के प्रति गंभीर नहीं है तो शहर के अन्य शौचालयों की स्थिति क्या होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

अधिकारियों के आगमन पर दुरुस्त होती है व्यवस्था
जब भी जिले में कोई बड़ा अधिकारी या नेता स्वच्छ भारत को लेकर शहर में किसी कार्यक्रम में शिरकत करने आता है तो नगर निगम प्रशासन की ओर से शहर के सभी शौचालयों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाई जाती है। कार्यक्रम के समापन के बाद फिर शौचालयों की सफाई का काम ठप सा हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed