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सौंपी रिपोर्ट, जेल अधिकारियों पर गाज गिरने की उम्मीद
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जेल से कैदी का वीडियो वायरल होने के प्रकरण की जांच कर रही जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सोमवार को प्रमुख सचिव गृह आनंद बर्द्धन को सौंप दी है। चर्चा है कि जांच रिपोर्ट में जेल के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए है। जेल के कई अधिकारी जांच रिपोर्ट की चपेट में आ सकते है।
हरिद्वार जेल में दो कैदी चांद मोहम्मद और गुरविंदर सिंह के पास मोबाइल फोन बरामद हुए थे। इस संबंध में डिप्टी जेलर प्रेम सिंह चौहान ने सिडकुल थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। सिडकुल पुलिस ने ढंग से जांच शुरू भी नहीं की थी कि कैदी गुरविंदर सिंह का एक वीडियो वायरल हो गया था जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। वीडियो में कैदी ने जेल अधीक्षक से लेकर बंदी रक्षकों तक पर गंभीर आरोप लगाया था । उसने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से न्याय की गुहार भी लगाई थी। वीडियो के वायरल होने पर शासन की नींद टूटी थी। प्रमुख सचिव गृह आनंद बर्द्धन ने जांच कमेटी गठित कर दी थी। पिछले कई दिनों से अध्यक्ष तुलसीराम की अगुवाई में जांच कमेटी जेल में पहुंचकर छानबीन में जुटी हुई थी। सोमवार को जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट प्रमुख सचिव गृह को सौंप दी है।
जांच कमेटी के अध्यक्ष रहे आईएएस तुलसीराम ने पुष्टि करते हुए बताया कि जेल के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता है।
हरिद्वार।
जेल से कैदी का वीडियो वायरल होने के प्रकरण की जांच कर रही जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सोमवार को प्रमुख सचिव गृह आनंद बर्द्धन को सौंप दी है। चर्चा है कि जांच रिपोर्ट में जेल के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए है। जेल के कई अधिकारी जांच रिपोर्ट की चपेट में आ सकते है।
हरिद्वार जेल में दो कैदी चांद मोहम्मद और गुरविंदर सिंह के पास मोबाइल फोन बरामद हुए थे। इस संबंध में डिप्टी जेलर प्रेम सिंह चौहान ने सिडकुल थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। सिडकुल पुलिस ने ढंग से जांच शुरू भी नहीं की थी कि कैदी गुरविंदर सिंह का एक वीडियो वायरल हो गया था जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। वीडियो में कैदी ने जेल अधीक्षक से लेकर बंदी रक्षकों तक पर गंभीर आरोप लगाया था । उसने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से न्याय की गुहार भी लगाई थी। वीडियो के वायरल होने पर शासन की नींद टूटी थी। प्रमुख सचिव गृह आनंद बर्द्धन ने जांच कमेटी गठित कर दी थी। पिछले कई दिनों से अध्यक्ष तुलसीराम की अगुवाई में जांच कमेटी जेल में पहुंचकर छानबीन में जुटी हुई थी। सोमवार को जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट प्रमुख सचिव गृह को सौंप दी है।
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जांच कमेटी के अध्यक्ष रहे आईएएस तुलसीराम ने पुष्टि करते हुए बताया कि जेल के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता है।