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वाराणसी की पुरातन संस्कृति एवं धरोहर के संरक्षण में सहयोग देगी आईआईटी रुड़की
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर आईआईटी रुड़की वाराणसी की संस्कृति एवं धरोहर के संरक्षण के लिए काम करेगी। साथ ही बीएचयू में शुरू किए गए आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग विभाग को स्थापित करने में भी मदद करेगी। इसके लिए बृहस्पतिवार को संस्थान में आईआईटी बीएचयू और आईआईटी रुड़की के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
आईआईटी निदेशक प्रो. एके चतुर्वेदी और आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. पीके जैन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने बताया कि आईआईटी बीएचयू में पहली बार आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग डिपार्टमेंट की स्थापना की जा रही है। वाराणसी एक ऐतिहासिक शहर है, जिसका पांच हजार से अधिक वर्षों का पुराना इतिहास है। नए डिपार्टमेंट की स्थापना का मुख्य उद्देश्य विभाग के जरिये शहर की पौराणिक धरोहर संरक्षित करना है।
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आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. पीके जैन ने बताया कि आईआईटी रुड़की के इस डिपार्टमेंट की पहचान दुनिया में है। ऐसे में करार के तहत डिपार्टमेंट को स्थापित करने में आईआईटी रुड़की की मदद ली जाएगी। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. एके चतुर्वेदी ने बताया कि आईआईटी बीएचयू को फैकल्टी, पाठ्यक्रम समेत सभी प्रकार की मदद दी जाएगी। साथ ही अनुसंधानों का आदान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी की ऐतिहासिक धरोहर को संजोने और संरक्षित करने में भी पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस मौके पर उपनिदेशक प्रो. एम परीदा, आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग डिपार्टमेंट की प्रो. पुष्पलता आदि मौजूद रहे।
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स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में भी करेंगे काम
आईआईटी के निदेशक प्रो. एके चतुर्वेदी ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से वाराणसी को स्मार्ट सिटी की सूची में भी शामिल किया गया है। ऐसे में संस्थान की ओर से स्मार्ट सिटी की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी पुरातन शहर है। ऐसे में यह कोशिश होगी कि पुरानी पहचान को बनाए रखते हुए नए निर्माण को कैसे धरातल पर उतारा जा सकता है, इस दिशा में अनुसंधान किया जाए।
डॉ. निशंक का शिक्षा मंत्री बनना क्षेत्र का गौरव
आईआईटी निदेशक प्रो. एके चतुर्वेदी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि उनके कार्यकाल में संस्थान का भी ज्यादा से ज्यादा विकास होगा। आईआईटी रुड़की स्टार्टअप के जरिये देश के विकास में योगदान के लिए प्रयासरत है। इसे और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।