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गढ़वालियों की पहचान है गढ़वाल राइफल्स : बुड़ाकोटी
Updated Mon, 22 Oct 2018 12:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
गढ़वाल राइफल्स पूर्व सैनिक संगठन की ओर से लालकुर्ती स्थित बीईजी एंड सेंटर के गेस्ट हाउस में दशहरा मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान संगठन की मजबूती का संकल्प लेने के साथ ही पहाड़ों से हो रहे पलायन पर चिंता व्यक्त की गई।
समारोह में पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए संगठन के रुड़की अध्यक्ष जीवानंद बुड़ाकोटी ने कहा कि गढ़वाल राइफल्स गढ़वालियों की पहचान है। देश की रक्षा में गढ़वाल राइफल्स का अहम योगदान है। गढ़वाल राइफल्स ने अनेक युद्धों में अपना पराक्रम दिखाया है। सेना में सर्वाधिक मेडल और पुरस्कार भी बटालियन को मिले हैं। गढ़वाल में पलायन के कारण खाली हो रहे गांवों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पलायन रोकने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। सरकार को इस प्रकार की नीति बनानी चाहिए, जिससे वहां युवा रोजगार की तलाश में मैदान की ओर न जाए। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए शहीद हुए वीर सैनिकों की सरकार अनदेखी कर रही है। सैनिक की शहादत के बाद सरकार की ओर से घोषणा तो की जाती है, लेकिन वह पूरी नहीं होती। आज कई वीर सैनिकों के परिवार की स्थिति ठीक नहीं है। कार्यक्रम में वीर नारियों सहित 10 नव सेवानिवृत्त सैनिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दिगंबर सिंह रावत, राजेंद्र सिंह रावत, कैलाश डोबरियाल, जसपाल बिष्ट, विनोद जखवाल, चंद्रमोहन रावत, काम सिंह, पुनीर, भगवान सिंह, संतोष, जसपाल राणा मौजूद थे।
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गढ़वाल राइफल्स पूर्व सैनिक संगठन की ओर से लालकुर्ती स्थित बीईजी एंड सेंटर के गेस्ट हाउस में दशहरा मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान संगठन की मजबूती का संकल्प लेने के साथ ही पहाड़ों से हो रहे पलायन पर चिंता व्यक्त की गई।
समारोह में पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए संगठन के रुड़की अध्यक्ष जीवानंद बुड़ाकोटी ने कहा कि गढ़वाल राइफल्स गढ़वालियों की पहचान है। देश की रक्षा में गढ़वाल राइफल्स का अहम योगदान है। गढ़वाल राइफल्स ने अनेक युद्धों में अपना पराक्रम दिखाया है। सेना में सर्वाधिक मेडल और पुरस्कार भी बटालियन को मिले हैं। गढ़वाल में पलायन के कारण खाली हो रहे गांवों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पलायन रोकने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। सरकार को इस प्रकार की नीति बनानी चाहिए, जिससे वहां युवा रोजगार की तलाश में मैदान की ओर न जाए। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए शहीद हुए वीर सैनिकों की सरकार अनदेखी कर रही है। सैनिक की शहादत के बाद सरकार की ओर से घोषणा तो की जाती है, लेकिन वह पूरी नहीं होती। आज कई वीर सैनिकों के परिवार की स्थिति ठीक नहीं है। कार्यक्रम में वीर नारियों सहित 10 नव सेवानिवृत्त सैनिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दिगंबर सिंह रावत, राजेंद्र सिंह रावत, कैलाश डोबरियाल, जसपाल बिष्ट, विनोद जखवाल, चंद्रमोहन रावत, काम सिंह, पुनीर, भगवान सिंह, संतोष, जसपाल राणा मौजूद थे।
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