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12 दवाएं पहुंची, एंटी रैबीज का इंतजार

Tue, 15 Dec 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Tue, 15 Dec 2015 11:49 PM IST
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रुड़की। सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए राहत की खबर है। सिविल अस्पताल में समाप्त हो चुकी 12 दवाओं की खेप अस्पताल पहुंच गई है हालांकि एंटी रैबीज और इंसुलिन के इंजेक्शन अभी नहीं पहुंच पाएं हैं। इनके लिए मरीजों को और इंतजार करना होगा।

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सिविल अस्पताल में पिछले तीन सप्ताह से दर्द, एंटी एलर्जिक, शुगर, गैस, सिटराजिन सिरप, एंटी रैबिज इंजेक्शन और इंसुलिन इंजेक्शन आदि खत्म हो गए थे। इन दवाओं और इंजेक्शन के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को मेडिकल स्टोर से यह दवाएं खरीदनी पड़ रही है। मंगलवार को 12 दवाओं की खेप अस्पताल में पहुंच गई है। जिसमें दर्द, एंटीएलर्जिक, शुगर, गैस, पीसीएम, सिटराजिन सिरप आदि की दवाओं की खेप पहुंच गई है। इन दवाओं के आने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी। दवाओं के न होने की वजह से मरीजों को मेडिकल स्टोर्स से महंगे दामों पर दवाएं खरीदनी पड़ रहीं थी। दवाओं के आ जाने से मरीजों को राहत मिली है। बुधवार से अस्पताल की डिस्पेंसरी से अधिकांश दवाएं मिल सकेंगी। हालांकि एंटी रैबिज और इंसुलिन इंजेक्शन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी नहीं भेजे गए हैं। यह कब तक आएंगे। इसको लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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कंप्यूटराइज्ड होगा सिविल अस्पताल का पर्चा
रुड़की। सिविल अस्पताल में एक जनवरी से मरीजों रजिस्ट्रेशन रजिस्टर पर न होकर कंप्यूटर से होगा। उनका नाम, उम्र, पता और बीमारी की एंट्री कंप्यूटर पर होगी। इसके बाद मरीज को जो पर्चा दिया जाएगा वह कंप्यूटराइज्ड होगा। साथ ही उसे किस डाक्टर के पास जाना है इसकी जानकारी के लिए ओपीडी का कमरा नंबर भी लिखा आएगा। पर्चा रंगीन होगा और उस पर उत्तराखंड का लोगो भी बना होगा।  पर्चे और रजिस्ट्रेशन के लिए एक पूरा सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। जिसमें कंप्यूटर पर एंट्री टाइप करने के बाद ऑटोमेटिक पर्चे पर भी प्रिंट हो जाएगी। यह कंप्यूटराइज्ड पर्चा साइज में वर्तमान पर्चे से बड़ा होगा। पर्चा बड़ा होने की वजह से डाक्टर मरीज की बिमारी से जुड़ी हिस्ट्री और दवाएं आसानी से लिख सकेंगे। सिविल अस्पताल के सीएमएस डा. रविंद्र थपलियाल का कहना है कि रजिस्ट्रेशन के लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर बनवाया गया है। एक जनवरी से जो रजिस्ट्रेशन होगा, वह कंप्यूटराइज्ड होगा।

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