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अहमदाबाद की कला से निखरेगी हरिद्वार जिले की माटी कला
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:09 AM IST
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रुड़की। जिला प्रशासन की ओर से कुम्हारों के हित संरक्षण के लिए उठाए जा रहे प्रयासों के अंतर्गत अब एक और नई योजना लागू की जा रही है। अहमदाबाद (गुजरात) में माटी कला विशेषज्ञों द्वारा हरिद्वार के कुम्हारों को प्रशिक्षित कर फैंसी और रंगीन मिट्टी के दीये बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए भी विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत जिले के हजारों कुम्हारों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
इसी साल दीपावली पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्हारों से मिलकर उनकी समस्याओं को जाना था। इस दौरान यह बात सामने आई थी कि मिट्टी के बर्तन और दीये आदि बनाने के लिए कुम्हारों को मिट्टी नहीं मिल पा रही है। खनन संबंधी प्रतिबंध उनकी आर्थिकी को प्रभावित कर रहे थे। इस समस्या का निराकरण करते हुए जिलाधिकारी ने सभी तहसील प्रशासन को अपने यहां ऐसे कुम्हारों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे जो बर्तन बनाकर ही आजीविका चला रहे हों। ऐसे परिवारों को मिट्टी उठान के लिए पास जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। अब जिलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्हारों के कल्याण के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के कुम्हारों को अहमदाबाद के विशेषज्ञों से बाजार की मांग के अनुसार फैंसी दीये और बर्तन बनाने का प्रशिक्षण अहमदाबाद में दिया जाएगा। आने-जाने का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा। प्रशिक्षण के बाद माटी कला बोर्ड माध्यम से ऐसे कुम्हारों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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इसी साल दीपावली पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्हारों से मिलकर उनकी समस्याओं को जाना था। इस दौरान यह बात सामने आई थी कि मिट्टी के बर्तन और दीये आदि बनाने के लिए कुम्हारों को मिट्टी नहीं मिल पा रही है। खनन संबंधी प्रतिबंध उनकी आर्थिकी को प्रभावित कर रहे थे। इस समस्या का निराकरण करते हुए जिलाधिकारी ने सभी तहसील प्रशासन को अपने यहां ऐसे कुम्हारों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे जो बर्तन बनाकर ही आजीविका चला रहे हों। ऐसे परिवारों को मिट्टी उठान के लिए पास जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। अब जिलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्हारों के कल्याण के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के कुम्हारों को अहमदाबाद के विशेषज्ञों से बाजार की मांग के अनुसार फैंसी दीये और बर्तन बनाने का प्रशिक्षण अहमदाबाद में दिया जाएगा। आने-जाने का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा। प्रशिक्षण के बाद माटी कला बोर्ड माध्यम से ऐसे कुम्हारों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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