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स्कूलों के बाद मदरसों के शिक्षकों की भी जांच

Tue, 27 Mar 2018 12:27 AM IST
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:27 AM IST
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स्कूलों के बाद मदरसों के शिक्षकों की भी जांच
रुड़की। एसपीक्यूईएम (स्पेशल क्वालिटी एजुकेशन इन मदरसाज) योजना के अंतर्गत चलने वाले मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की भी जांच शुरू हो गई है। सोमवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने रुड़की और लक्सर ब्लॉक में जांच शुरू की गई। पहले दिन रुड़की ब्लॉक के 30 मदरसों के 51 शिक्षकों ने प्रमाण पत्र जमा करवाए गए।
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शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि एसपीक्यईएम योजना के अंतर्गत चलने वाले मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू हो गई है। इस योजना के तहत एक मदरसे के तीन शिक्षकों को सरकार कुछ मानदेय देती है। निदेशालय के निर्देश पर डीएम दीपक रावत ने मदरसे के शिक्षकों की शिक्षा विभाग को जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए असली प्रमाण पत्रों का फोटो कॉपी से मिलान कराया जाएगा। प्रमाण पत्र के दो सेट जमा कराए जा रहे हैं। एक कॉपी विभाग के पास रहेगी, दूसरी कापी को जांच के लिए बोर्ड अथवा विश्वविद्यालय को भेजा जाएगा। शिक्षा विभाग ने सरकार से कुछ मानदेय लेने वाले ऐसे मदरसा शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच रुड़की और लक्सर ब्लॉक से शुरूआत कर दी हैं। सोमवार को रुड़की ब्लॉक में मदरसा शिक्षकों के प्रमाण पत्र जमा कराए गए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार रुड़की ब्लॉक में 30 मदरसे एसपीक्यईएम योजना के अंतर्गत चलाए जाते हैं। पहले दिन 51 शिक्षकों ने अपने प्रमाण पत्र जमा कराए। अब इन प्रमाण पत्रों की बोर्ड अथवा विश्वविद्यालय से जांच कराई जाएगी।
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