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आरटीई को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर होगा सत्यापन
Updated Mon, 26 Mar 2018 12:24 AM IST
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रुड़की। आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर सत्यापन कराया जाएगा। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने उपखंड शिक्षा अधिकारियों ने आदेश जारी किए हैं। सत्यापन की आख्या एक सप्ताह में कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों के लिए आरक्षित होती है। इस योजना के तहत दो प्रकार का भुगतान सरकार की ओर से किए जाता है। इसमें प्रतिपूर्ति शुल्क सीधे स्कूलों को फीस के रूप में दिया जाता है, जबकि दूसरे शुल्क मिड डे मिल और ड्रेस का पैसा सीधे छात्राओं के खातों में भेजा जाता है। अक्सर प्राइवेट स्कूल संचालकों की ओर से इस पर आपत्ति जताई जाती रहती है कि उन्हें प्रतिपूर्ति शुल्क का पैसा नहीं मिला है। शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर सत्यापन कराने का फैसला लिया हैं। इसमें बच्चों के खाता संख्या का सत्यापन के साथ स्कूलों की फीस आदि के भी बिंदु को सम्मलित किया गया है कि कहीं स्कूलों द्वारा जो भुगतान का प्रपोजल विभाग को भेजा जा रहा है, उसे फीस को बढ़ाकर तो नहीं भेजा गया है। इसके साथ ही मिड डे मिल और ड्रेस आदि के पैसा भेजने के लिए भी कुछ स्कूलों द्वारा गलत खाता संख्या भेजी गई है। इसके चलते विभाग के मिड डे मिल आदि का पैसा जारी करने में दिक्कत आ रही है। विभाग ने जिन बिंदुओं पर सत्यापन होना है, उनका एक प्रारूप भी तैयार किया है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने बताया कि इस बाबत आदेश जारी किए गए है।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों के लिए आरक्षित होती है। इस योजना के तहत दो प्रकार का भुगतान सरकार की ओर से किए जाता है। इसमें प्रतिपूर्ति शुल्क सीधे स्कूलों को फीस के रूप में दिया जाता है, जबकि दूसरे शुल्क मिड डे मिल और ड्रेस का पैसा सीधे छात्राओं के खातों में भेजा जाता है। अक्सर प्राइवेट स्कूल संचालकों की ओर से इस पर आपत्ति जताई जाती रहती है कि उन्हें प्रतिपूर्ति शुल्क का पैसा नहीं मिला है। शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर सत्यापन कराने का फैसला लिया हैं। इसमें बच्चों के खाता संख्या का सत्यापन के साथ स्कूलों की फीस आदि के भी बिंदु को सम्मलित किया गया है कि कहीं स्कूलों द्वारा जो भुगतान का प्रपोजल विभाग को भेजा जा रहा है, उसे फीस को बढ़ाकर तो नहीं भेजा गया है। इसके साथ ही मिड डे मिल और ड्रेस आदि के पैसा भेजने के लिए भी कुछ स्कूलों द्वारा गलत खाता संख्या भेजी गई है। इसके चलते विभाग के मिड डे मिल आदि का पैसा जारी करने में दिक्कत आ रही है। विभाग ने जिन बिंदुओं पर सत्यापन होना है, उनका एक प्रारूप भी तैयार किया है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने बताया कि इस बाबत आदेश जारी किए गए है।
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