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्थाई तो दूर अस्थाई अतिक्रमण हटाने से भी परहेज

Mon, 08 Jan 2018 12:57 AM IST
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:57 AM IST
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्थाई तो दूर अस्थाई अतिक्रमण हटाने से भी परहेज
रुड़की। शहर में स्थाई अतिक्रमण तो दूर अस्थाई अतिक्रमण हटाने में भी कोई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि दिलचस्पी नहीं ले रहा है। जिसकी वजह से अतिक्रमणकारियों की तो मौज हो रही है, लेकिन इससे लग रहे जाम से बाजारों और सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों की फजीहत हो रही है। पार्किंग की व्यवस्था न होने से जगह-जगह खड़े आड़े-तिरछे वाहन परेशानी और बढ़ा रहे हैं।
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शहर के किसी भी हिस्से में किसी व्यक्ति को जाना हो तो उसे जाम का सामना करना ही पड़ता है। कई जगह सड़कें संकरा होने से परेशानी हो रही है तो कई दुकानों के बाहर सामान पसरा होने से दिक्कत हो रही है। सड़कों पर वाहनों का पार्क और चौराहों की चौड़ाई मानकों से कम होना जाम का मुख्य कारण बन रहा है। शहर में सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके सहित चाव मंडी, मलकपुर चुंगी, रामपुर चुंगी, रामनगर चौराहा, आजाद नगर चौक, बीएसएम तिराहा, मालवीय चौक, गणेशपुर चौक, एसडीएम चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, रुड़की टॉकिज आदि में अतिक्रमण और सड़कों की चौड़ाई कम होने से आए दिन लोग जाम में फंस रहे हैं। बीटी गंज, मुख्य बाजार और सिविल लाइंस बाजार में सड़क की पूरी कच्ची पटरी अतिक्रमण की चपेट में हैं। जबकि आधी सड़क सामान खरीदने आने वाले लोगों के वाहनों के नाम होने से परेशानी हो रही है।
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अतिक्रमण के नाम पर मोटी कमाई
शहर के विभिन्न बाजारों में दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर फड़ का मासिक किराया वसूल रहे हैं। बीटी गंज बाजार में सैकड़ों दुकानदारों के लिए यह हर माह मोटी कमाई का जरिया बना हुआ है। बीटी गंज बाजार में एक-एक फड़ के लिए 15 से 20 हजार रुपये प्रति माह एक दुकानदार किराया वसूलता है। अवैध रूप से लगाए जा रहे इन फड़ों से बाजार में भारी अतिक्रमण हो रहा है।
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नो एंट्री का भी बाजार को लाभ नहीं
-सिविल लाइंस बाजार में शाम करीब तीन बजे से नो एंट्री लागू हो जाती है। इसके तहत बाजार में किसी भी चौपहिया वाहनों को जाने की अनुमति नहीं दी जाती। इससे बाजार में चौपहिया वाहनों के नहीं पहुंचने से राहत जरूर मिलती है, लेकिन दुकानदार इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामानों को सड़कों के किनारे तक फैला दिया है। आधी सड़क वाहनों से घिर जाती है। जिसके चलते सड़के चलने वाले लोगों को नो एंट्री का भी बहुत लाभ मिलता नहीं दिख रहा है।
जाम के मुख्य कारण
>> कई जगहों पर सड़कों का संकरा होना।
>> दुकानों के बाहर सामानों की बिक्री।
>> सड़कों पर वाहनों का पार्क होना।
>> चौराहों की चौड़ाई मानकों से कम होना।
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