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Rishikesh News: जीवाणुओं को मिट्टी, पानी व मानव शरीर से पृथक करने की तकनीक सीखी
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Iपंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में कार्यशाला आयोजित, 40 प्रतिभागी शामिलI
श्री देव सुमन उत्तराखंड विवि के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में एमएलटी विभाग में आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने जीवाणुओं को प्रयोगशाला में उत्पन्न करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में प्रदेश विभिन्न महाविद्यालय से 40 प्रतिभागियों ने प्रतिभा किया।
मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में आइसोलेशन एंड आइडेंटिफिकेशन ऑफ बैक्टीरिया फ्रॉम सॉइल वॉटर एंड माइक्रोफ्लोरा ऑफ ह्यूमन बॉडी विषय पर बीएमएलटी विभाग की सूक्ष्म जीव विज्ञान प्रवक्ता डॉ. शालिनी कोटियाल ने जीवाणुओं को मिट्टी, पानी और मानव शरीर से पृथक करने की तकनीक की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने इसका प्रशिक्षण भी लिया। जिसमें उन्होंने स्ट्रीकिंग, स्प्रेडिंग तथा सीरियल डाइल्यूशन तकनीक को जाना। साथ ही जीवाणुओं को प्रयोगशाला में उत्पन्न करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पोषक पदार्थों को बनाने की तकनीक बताई। विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने प्रतिभागियों को नवीन अनुसंधान और देश के विभिन्न स्थान के प्रयोगशालाओं के बारे में जानकारी दी। जिसमें नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे, एनआईपीजीआर जवाहर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली, बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के बारे में जानकारी दी।
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श्री देव सुमन उत्तराखंड विवि के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में एमएलटी विभाग में आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने जीवाणुओं को प्रयोगशाला में उत्पन्न करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में प्रदेश विभिन्न महाविद्यालय से 40 प्रतिभागियों ने प्रतिभा किया।
मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में आइसोलेशन एंड आइडेंटिफिकेशन ऑफ बैक्टीरिया फ्रॉम सॉइल वॉटर एंड माइक्रोफ्लोरा ऑफ ह्यूमन बॉडी विषय पर बीएमएलटी विभाग की सूक्ष्म जीव विज्ञान प्रवक्ता डॉ. शालिनी कोटियाल ने जीवाणुओं को मिट्टी, पानी और मानव शरीर से पृथक करने की तकनीक की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने इसका प्रशिक्षण भी लिया। जिसमें उन्होंने स्ट्रीकिंग, स्प्रेडिंग तथा सीरियल डाइल्यूशन तकनीक को जाना। साथ ही जीवाणुओं को प्रयोगशाला में उत्पन्न करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पोषक पदार्थों को बनाने की तकनीक बताई। विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने प्रतिभागियों को नवीन अनुसंधान और देश के विभिन्न स्थान के प्रयोगशालाओं के बारे में जानकारी दी। जिसमें नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे, एनआईपीजीआर जवाहर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली, बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के बारे में जानकारी दी।
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