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यहां से रोज गुजरते हैं माननीय

Sun, 13 Dec 2015 01:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश Updated Sun, 13 Dec 2015 01:19 AM IST
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waste material on road

जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि हर रोज इंदिरानगर-टीएचडीसी संपर्क मार्ग से आवाजाही करते हैं। हैरत की बात यह कि मार्ग के किनारे लगे गंदगी के अंबार के सफाए की सुध कोई नहीं ले रहा। ऐसे में कूड़ा कचरा गांव की पहचान बन गया है।

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ऋषिकेश ग्रामसभा के अंतर्गत इंदिरानगर, नेहरूग्राम, विस्थापित कालोनी, टीएचडीसी को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर रेलवे की चहारदीवारी के किनारे कूड़े कचरे का ढेर स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ा रहा है। मार्ग का एक हिस्सा गंदगी से पटा पड़ा है। कूड़े के ढेर में सुअर मुंह मारते नजर आएंगे।
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यह हाल तब है जब समय-समय पर चलने वाले स्वच्छता अभियान में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने वाले जनप्रतिनिधि भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन मार्ग किनारे लगी गंदगी के सफाए के लिए पहल नहीं हो रही। बता दें कि विस्थापित कालोनी में जिला पंचायत सदस्य और इंदिरानगर में क्षेत्र पंचायत सदस्य का आवास है। पूर्व प्रधान भी इंदिरानगर में रहते हैं। माननीयों के आंगन में गंदगी का आलम स्वच्छ भारत मिशन को पलीता लगा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी अब गांव की पहचान बन चुकी है। बाहर से आने वाले परिचितों और रिश्तेदार घर का पता पूछते हैं तो उन्हें यही बताते हैं कि जहां गंदगी का ढेर नजर आए समझ लेना घर के करीब आ गए हैं। गंदगी के बीच रहना नियति बन गई है।


इनकी सुनिए
सेवा टीएचडीसी ने कूड़ा निस्तारण के लिए सड़क किनारे दो कूड़ेदान लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। गांव की सफाई व्यवस्था के लिए अलग से बजट का प्रावधान और कूड़ा निस्तारण के लिए उपयुक्त जगह नहीं है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। लोग सड़क पर कूड़ा नहीं फेंके इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा। गंदगी के सफाए के लिए ग्राम स्तर पर श्रमदान अभियान चलाएंगे।-लक्ष्मी सजवाण, जिला पंचायत सदस्य


समस्या गंभीर है। गंदगी के बीच आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। गांव में सफाई व्यवस्था के लिए संसाधनों की कमी है। फिर भी समय-समय पर नगर पालिका से सहयोग लेकर सफाई करवाई जाती है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।-सुमित थपलियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य

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