{"_id":"5e4456898ebc3ee5a6164fb5","slug":"two-illegal-construction-seals-in-vip-colony-builders-in-panic-rishikesh-news-drn3359357185","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीआईपी कॉलोनी में दो अवैध निर्माण सील, बिल्डरों में खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वीआईपी कॉलोनी में दो अवैध निर्माण सील, बिल्डरों में खलबली
विज्ञापन
शिवालिक एमआरआई सेंटर का निरीक्षण करते एक्सईएन श्याम मोहन शर्मा।
- फोटो : RISHIKESH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बुधवार को वीआईपी कॉलोनी में कार्रवाई कर दो अवैध निर्माण सील कर दिए। साथ ही शिवालिक एमआरआई एंड अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील करने के लिए उपकरणों को अन्यत्र शिफ्ट करने की हिदायत दी। अवैध निर्माणों के खिलाफ तेज हुई एमडीडीए की कार्रवाई से बिल्डरों में खलबली मची हुई है।
बुधवार को एमडीडीए के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर श्याममोहन शर्मा के नेतृत्व में टीम वीआईपी कॉलोनी पहुंची। यहां पर तीन अवैध निर्मित भवनों की सीलिंग के आदेश पूर्व में ही जारी हुए थे। इस पर अमल करते हुए एमडीडीए टीम ने वीआईपी कॉलोनी में युवराज साहिल, सारिका गर्ग के भवन को सील कर दिया। इसके बाद टीम ने कॉलोनी में ही स्थित शिवालिक एमआरआई एंड अल्ट्रासाउंट सेंटर का मुआयना किया। एमडीडीए ने इस भवन को भी सील करने का आदेश जारी किया है। सेंटर संचालक राजेंद्र गर्ग ने एमडीडीए अफसरों से गुजारिश की कि जांच उपकरणों को शिफ्ट करने में थोड़ा समय लगेगा लिहाजा सील प्रक्रिया को स्थगित कर मोहलत प्रदान की जाए।
इस पर एक्सईएन श्याममोहन शर्मा ने सेंटर संचालक से लिखित प्रार्थना पत्र लिया। उन्होंने बताया कि सेंटर संचालक दो दिन के भीतर अवैध इमारत को खाली करने का समय दिया गया है। इसके बावजूद भी इमारत खाली न की गई तो इमारत को सील कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
---
स्वामित्व न होने के कारण दर्जन भर इमारतों पर खतरे के बादल
बताते चलें कि वीआईपी कॉलोनी विस्थापितों को आवंटित है। यहां कई लोगों ने विस्थापितों से भूमि क्रय कर बहुमंजिला इमारतें बना ली हैं। यही वजह है कि यहां एमडीडीए से नक्शा भी पास नहीं करवाया जा सकता। इसके अलावा यहां विस्थापितों के अलावा अन्य को स्वामित्व न मिल पाने का भी तकनीकी पेंच है। एचआरडीए के कार्यकाल में यहां ताबड़तोड़ इमारतें बन गईं। एमडीडीए ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का अभियान छेड़ रखा है। इससे वीआईपी कॉलोनी में दर्जन भर इमारतों पर सीलिंग का खतरा मंडरा रहा है। कुछ निर्माणकर्ताओं ने कमिश्नर कोर्ट से स्टे भी लिया है, लेकिन एमडीडीए मजबूत पैरवी कर स्टे के हथियार को भी कमजोर कर लगातार कार्रवाई कर रहा है।
---
भरत विहार में स्टे के बावजूद तैयार हो गईं गगनचुंबी इमारतें
एमडीडीए अवैध निर्माणों के खिलाफ डाल-डाल चल रहा है तो निर्माणकर्ता पात-पात बचत की जुगत निकाल रहे हैं। ये नजारा भरत विहार में देखा जा सकता है। यहां एमडीडीए ने पूर्व में अवैध निर्माणों के खिलाफ सील का नोटिस भेजा था। बिल्डरों ने आननफानन में कमिश्नर कोर्ट से स्टे आदेश हथिया लिया। इस कागजी दौड़ के बाद एमडीडीए की नजर हट गई और बिल्डरों ने देखते ही देखते स्टे आर्डर को दरकिनार कर अवैैध निर्माण पूरा कर लिया। वीआईपी कॉलोनी में जिन दो भवनों को सील किया गया उन्हें भी पूर्व में निर्माण रोकने का नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद बिल्डरों ने सारे नियम कानून ताक पर रख निर्माण करने में जुटे रहे।
-----
शहर में जहां भी मानकों के विपरीत अवैध निर्माण हो रहे हैं उन पर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों ने स्टे के बावजूद निर्माण किया है उन पर एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वीआईपी कॉलोनी में स्वामित्व विहीन और गैर नक्शे के जितने भी निर्माण हुए हैं सब सील किए जाएंगे। जिन्होंने कम्पाउंडिंग के बावजूद नक्शे के अनुसार निर्माण दुरुस्त नहीं किया है उन मामलों की जांच की जाएगी। कार्रवाई के खिलाफ जिसको भी आपत्ति है वह उच्च स्तर पर अपील के लिए स्वतंत्र है। - श्याम मोहन शर्मा, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, एमडीडीए
विज्ञापन
बुधवार को एमडीडीए के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर श्याममोहन शर्मा के नेतृत्व में टीम वीआईपी कॉलोनी पहुंची। यहां पर तीन अवैध निर्मित भवनों की सीलिंग के आदेश पूर्व में ही जारी हुए थे। इस पर अमल करते हुए एमडीडीए टीम ने वीआईपी कॉलोनी में युवराज साहिल, सारिका गर्ग के भवन को सील कर दिया। इसके बाद टीम ने कॉलोनी में ही स्थित शिवालिक एमआरआई एंड अल्ट्रासाउंट सेंटर का मुआयना किया। एमडीडीए ने इस भवन को भी सील करने का आदेश जारी किया है। सेंटर संचालक राजेंद्र गर्ग ने एमडीडीए अफसरों से गुजारिश की कि जांच उपकरणों को शिफ्ट करने में थोड़ा समय लगेगा लिहाजा सील प्रक्रिया को स्थगित कर मोहलत प्रदान की जाए।
विज्ञापन
इस पर एक्सईएन श्याममोहन शर्मा ने सेंटर संचालक से लिखित प्रार्थना पत्र लिया। उन्होंने बताया कि सेंटर संचालक दो दिन के भीतर अवैध इमारत को खाली करने का समय दिया गया है। इसके बावजूद भी इमारत खाली न की गई तो इमारत को सील कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
---
स्वामित्व न होने के कारण दर्जन भर इमारतों पर खतरे के बादल
बताते चलें कि वीआईपी कॉलोनी विस्थापितों को आवंटित है। यहां कई लोगों ने विस्थापितों से भूमि क्रय कर बहुमंजिला इमारतें बना ली हैं। यही वजह है कि यहां एमडीडीए से नक्शा भी पास नहीं करवाया जा सकता। इसके अलावा यहां विस्थापितों के अलावा अन्य को स्वामित्व न मिल पाने का भी तकनीकी पेंच है। एचआरडीए के कार्यकाल में यहां ताबड़तोड़ इमारतें बन गईं। एमडीडीए ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का अभियान छेड़ रखा है। इससे वीआईपी कॉलोनी में दर्जन भर इमारतों पर सीलिंग का खतरा मंडरा रहा है। कुछ निर्माणकर्ताओं ने कमिश्नर कोर्ट से स्टे भी लिया है, लेकिन एमडीडीए मजबूत पैरवी कर स्टे के हथियार को भी कमजोर कर लगातार कार्रवाई कर रहा है।
---
भरत विहार में स्टे के बावजूद तैयार हो गईं गगनचुंबी इमारतें
एमडीडीए अवैध निर्माणों के खिलाफ डाल-डाल चल रहा है तो निर्माणकर्ता पात-पात बचत की जुगत निकाल रहे हैं। ये नजारा भरत विहार में देखा जा सकता है। यहां एमडीडीए ने पूर्व में अवैध निर्माणों के खिलाफ सील का नोटिस भेजा था। बिल्डरों ने आननफानन में कमिश्नर कोर्ट से स्टे आदेश हथिया लिया। इस कागजी दौड़ के बाद एमडीडीए की नजर हट गई और बिल्डरों ने देखते ही देखते स्टे आर्डर को दरकिनार कर अवैैध निर्माण पूरा कर लिया। वीआईपी कॉलोनी में जिन दो भवनों को सील किया गया उन्हें भी पूर्व में निर्माण रोकने का नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद बिल्डरों ने सारे नियम कानून ताक पर रख निर्माण करने में जुटे रहे।
-----
शहर में जहां भी मानकों के विपरीत अवैध निर्माण हो रहे हैं उन पर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों ने स्टे के बावजूद निर्माण किया है उन पर एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वीआईपी कॉलोनी में स्वामित्व विहीन और गैर नक्शे के जितने भी निर्माण हुए हैं सब सील किए जाएंगे। जिन्होंने कम्पाउंडिंग के बावजूद नक्शे के अनुसार निर्माण दुरुस्त नहीं किया है उन मामलों की जांच की जाएगी। कार्रवाई के खिलाफ जिसको भी आपत्ति है वह उच्च स्तर पर अपील के लिए स्वतंत्र है। - श्याम मोहन शर्मा, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, एमडीडीए

वीआईपी कॉलोनी में अवैध भवन को सील करते एमडीडीए के कर्मचारी।- फोटो : RISHIKESH