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Rishikesh News: 105 दिनों में की 22. 35 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई
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शुगर मिल ने 105 दिनों की अवधि में 22 लाख 35 हजार 492 क्विंटल गन्ना पेराई की है। साढे तीन माह का पेराई सत्र वैसे तो व्यवधान रहित रहा लेकिन मिल को इस बार नो केन का सामना करना पड़ा।
डोईवाला शुगर मिल का 2023-24 का गन्ना पेराई सत्र बीते साल 22 नवंबर को प्रारंभ हुआ था। पेराई सत्र बीते दिवस बृहस्पतिवार की देर रात को समाप्त हो गया। शुगर मिल का चक्का इस बार 105 दिनों तक घूमा। इस दौरान गन्ना अभाव झेल रही शुगर मिल में कई बार नो केन यानी गन्ने का उपलब्ध नहीं होने का सामना करना पड़ा।
शुगर मिल के पास मुख्य गेट समेत 54 गन्ना क्रय केंद्र थे। फरवरी माह से ही गन्ना क्रय केंद्र पर्याप्त आपूर्ति करने से लड़खड़ाने लगे थे। ऐसे में मिल का पेराई सत्र जल्द समाप्त होने के आसार बनते रहे। शुगर मिल में इस बार कोई बड़ा व्यवधान भी रहा। यदि गन्ना बराबर मिलता रहता तो अच्छे परिणाम आते। इस पेराई सत्र में शुगर मिल ने पिछले पेराई सत्र की तुलना में नौ लाख क्विंटल कम गन्ने की पेराई की है। शुगर मिल के अधिशासी निदेशक दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि समूचा पेराई सत्र में कोई बड़ा व्यवधान नहीं हुआ। मिल ने 22 लाख 35 हजार 492 क्विंटल गन्ना पेराई की।
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डोईवाला शुगर मिल का 2023-24 का गन्ना पेराई सत्र बीते साल 22 नवंबर को प्रारंभ हुआ था। पेराई सत्र बीते दिवस बृहस्पतिवार की देर रात को समाप्त हो गया। शुगर मिल का चक्का इस बार 105 दिनों तक घूमा। इस दौरान गन्ना अभाव झेल रही शुगर मिल में कई बार नो केन यानी गन्ने का उपलब्ध नहीं होने का सामना करना पड़ा।
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शुगर मिल के पास मुख्य गेट समेत 54 गन्ना क्रय केंद्र थे। फरवरी माह से ही गन्ना क्रय केंद्र पर्याप्त आपूर्ति करने से लड़खड़ाने लगे थे। ऐसे में मिल का पेराई सत्र जल्द समाप्त होने के आसार बनते रहे। शुगर मिल में इस बार कोई बड़ा व्यवधान भी रहा। यदि गन्ना बराबर मिलता रहता तो अच्छे परिणाम आते। इस पेराई सत्र में शुगर मिल ने पिछले पेराई सत्र की तुलना में नौ लाख क्विंटल कम गन्ने की पेराई की है। शुगर मिल के अधिशासी निदेशक दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि समूचा पेराई सत्र में कोई बड़ा व्यवधान नहीं हुआ। मिल ने 22 लाख 35 हजार 492 क्विंटल गन्ना पेराई की।
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