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Rishikesh News: हाथियों से पेयजल लाइन बचाने के लिए पत्थरों से ढक रहे ग्रामीण
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Iजल जीवन मिशन के अंतर्गत ढाई किमी ओपन छोड़ दी पेयजल लाइन, तोड़ रहे हाथी
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Iलाइन टूटने से शिवपुरी के लोगों को झेलना पड़ता है पेयजल संकटI
जल जीवन मिशन के तहत पेयजल लाइन बिछाने के दौरान बरती गई लापरवाही का खामियाजा शिवपुरी के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कार्यदायी संस्था ने पेयजल लाइन को भूमिगत करने के बजाय उसे जमीन के ऊपर ही छोड़ दिया। खुले में बिछी पेयजल लाइन को अक्सर हाथी क्षतिग्रस्त कर देते हैं। लाइन को हाथियों से बचाने के लिए ग्रामीण अब खुद पत्थरों से पाइप लाइन को ढक रहे हैं।
करीब डेढ़ साल पहले जल संस्थान देवप्रयाग की ओर से जल जीवन मिशन के तहत शिवपुरी बाजार और शिवपुरी गांव में प्राकृतिक स्रोत से करीब ढाई किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल लाइन बिछाने के दौरान कार्यदायी संस्था ने पाइप लाइन को भूमिगत नहीं किया। लाइन को खुले में छोड़ गया। लाइन को अक्सर हाथी तोड़ देते हैं। जिससे शिवपुरी में बार-बार पेयजल आपूर्ति बाधित होती है। स्थानीय निवासी जंगल कैंपों के सबमर्सिबल पंप से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद विभागीय कर्मचारी भी मौके पर नहीं आते हैं। ग्रामीणों को स्वयं ही पेयजल लाइन की मरम्मत करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब जल जीवन मिशन की ओर से स्रोत से पेयजल आपूर्ति शुरू की गई तो एक सप्ताह बाद चेंबर टूट गया था। उसके बाद कार्यदायी संस्था ने लीपापोती कर चेंबर की मरम्मत की।
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Iजल जीवन मिशन का काम शत प्रतिशत सही है। इस काम को थर्ड पार्टी भी पास कर चुकी है। केवल गदेरे से लाइन को भूमिगत नहीं किया गया। बाकी लाइन को भूमिगत किया गया। - नरेश पाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान देवप्रयाग
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Iजल जीवन मिशन की ओर से जो पेयजल लाइन बिछाई वहां पर कार्यदायी संस्था की ओर से संतोषजनक काम नहीं किया गया। अधिकांश स्थानों पर लाइन को भूमिगत करने के बजाए खुले में छोड़ गया गया। जिससे हाथी पेयजल लाइन को तोड़ रहे हैं। विभागीय अधिकारी कभी गांव में नहीं आते। - संगीता नेगी, ग्राम प्रधान शिवपुरीI