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Rishikesh News: तीन महीने से बंद इमरजेंसी का ट्रॉमा सेंटर, मरीज हो रहे रेफर
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Iएसपीएस चिकित्सालय : सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए कछुआ गति से चल रहा है निर्माण
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Iमरीजों और तीमारदारों को झेलनी पड़ रही परेशानीI
उप जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाएं दिन प्रतिदिन खराब हो रही हैं। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय के इमरजेंसी का ट्रॉमा सेंटर बीते तीन महीने से बंद पड़ा है। इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी के ट्रॉमा सेंटर में 10 बेड की व्यवस्था है। इमरजेंसी में आने वाले घायल मरीजों को चिकित्सक के निगरानी में 12 या 24 घंटे के लिए ट्रॉमा सेंटर में रखा जाता है। मरीज के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद ही उन्हें जनरल और अन्य वार्डों में भर्ती किया जाता है। लेकिन एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल रही है। बीते तीन महीने पहले से ट्रॉमा सेंटर के समीप ही सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए निर्माण कार्य किया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्रॉमा सेंटर को बंद कर दिया गया। निर्माण कार्य भी कछुआ गति से चल रहा है। जिसके चलते इमरजेंसी में आने वाले मरीज और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ट्रॉमा सेंटर बंद होने से इमरजेंसी में आने वाले 10 से 15 मरीजों को रोजाना हायर सेंटर रेफर होना पड़ता है।
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Iसीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए निर्माण कार्य होने के कारण ट्रॉमा सेंटर को बंद किया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और सीटी स्कैन की सुविधा शुरू हो जाएगी। - डाॅ. पीके चंदोला, सीएमएसI
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Iमरीजों और तीमारदारों को झेलनी पड़ रही परेशानीI
उप जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाएं दिन प्रतिदिन खराब हो रही हैं। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय के इमरजेंसी का ट्रॉमा सेंटर बीते तीन महीने से बंद पड़ा है। इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी के ट्रॉमा सेंटर में 10 बेड की व्यवस्था है। इमरजेंसी में आने वाले घायल मरीजों को चिकित्सक के निगरानी में 12 या 24 घंटे के लिए ट्रॉमा सेंटर में रखा जाता है। मरीज के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद ही उन्हें जनरल और अन्य वार्डों में भर्ती किया जाता है। लेकिन एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल रही है। बीते तीन महीने पहले से ट्रॉमा सेंटर के समीप ही सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए निर्माण कार्य किया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्रॉमा सेंटर को बंद कर दिया गया। निर्माण कार्य भी कछुआ गति से चल रहा है। जिसके चलते इमरजेंसी में आने वाले मरीज और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ट्रॉमा सेंटर बंद होने से इमरजेंसी में आने वाले 10 से 15 मरीजों को रोजाना हायर सेंटर रेफर होना पड़ता है।
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Iसीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए निर्माण कार्य होने के कारण ट्रॉमा सेंटर को बंद किया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और सीटी स्कैन की सुविधा शुरू हो जाएगी। - डाॅ. पीके चंदोला, सीएमएसI
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