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Rishikesh News: बिजली कटी, अंधेरे में डूबा आईडीपीएल

Fri, 22 Sep 2023 11:55 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2023 11:55 PM IST
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The forest department has cut off electricity to the entire

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वन विभाग ने बिजली काटी, अंधेरे में डूबा आईडीपीएल

प्रशासनिक भवन, पानी बिजली सप्लाई के प्लांट कब्जे में लिए



वन विभाग ने आईडीपीएल के बिजली कंट्रोल रूम से पूरे टाउनशिप की बिजली काट दी है। जिससे पूरे आईडीपीएल क्षेत्र अंधेरे में डूब गया है। बिजली गुल होने के बाद आईडीपीएल क्षेत्र में पेयजल संकट हो गया है। कार्रवाई से पहले वन विभाग ने कई भवन प्लांट भी सील किए। देर रात तक लोगों ने जीएम आवास के बाहर एकत्रित होकर विरोध किया।

शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने आईडीपीएल प्रशासनिक भवन को अपने कब्जे में लिया। उसके बाद टीम ने वाटर इंटेक्टर प्लांट (पेयजल सप्लाई) और डी टू प्लांट को अपने कब्जे में लिया। शाम चार बजे वन विभाग की टीम ने आईडीपीएल की कॉलोनी की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद क्षेत्र में ट्यूबवेल नहीं चल पाए।
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जिससे क्षेत्र में पेयजल संकट हो गया। आईडीपीएल की बिजली बंद होने से स्थानीय लोगों ने एसडीएम आवास पर पहुंचकर एसडीएम से मुलकात की। देर रात नौ बजे के बाद स्थानीय लोग आईडीपीएल के जीएम आवास पर वार्ता के लिए गए थे, वहां पर लोगों ने विरोध किया। सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बिजली कटने के बाद लोग अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को फोन करते रहे।
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क्या था मामला।



- आईडीपीएल (इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड) फैक्टरी का निर्माण 1965 में हुआ था। इस फैक्टरी में एंटीबायोटिक्स बनती थी। 1991 की औद्योगिक नीति में इस इकाई को रुग्ण इकाई घोषित किया गया था। तब से इस फैक्टरी के बुरे दिन शुरु हो गए थे। 1996 के बाद अधिकांश कर्मचारियों को वीआरएस दे दिया गया। 28 दिसंबर 2016 को इस फैक्टरी को केंद्रीय कैबिनेट ने बंद करने का निर्णय लिया । नवंबर 2022 में इस फैक्टरी की जमीन की लीज भी खत्म हो गई थी। उसके बाद वन विभाग ने इस फैक्टरी को अपने नियंत्रण की प्रक्रिया शुरु की।

एक जुलाई 2023 को कटनी थी बिजली

- फैक्टरी के तत्कालीन जीएम संजय ने एक जुलाई 2023 से आईडीपीएल प्रबंधन इस फैक्टरी को वन विभाग के सुपुर्द कर बिजली, पानी काटने का निर्णय लिया था। उसके बाद लोगों ने धरना प्रदर्शन शुरु किया था। इस फैक्टरी के 2600 आवास में 1162 खंडर हो चुके हैं। बाकी बचे 1200 आवासों में से पहले चरण में 227 आवासों को अपने कब्जे में लेना था। करीब 102 आवास वन विभाग अपने कब्जे में ले चुका है। कई गिरासू वन भवनों और आईडीपीएल का अतिथि गृह समेत कई आवास ध्वस्त किए जा चुके हैं।




तीन अगस्त को हाईकोर्ट ने दिया था स्टे



- आईडीपीएल के सेवानिवृत कर्मचारियों की ओर से एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में डाली गई थी। जिसमें हाईकोर्ट ने तीन अगस्त को स्टे देकर राज्य सरकार से पक्ष रखने को कहा था, इसकी सुनवाई 19 सितंबर को हाईकोर्ट में होनी थी, जो हो नहीं पाई।

वाटर इंटेक्टर प्लांट, डी टू प्लांट और प्रशासनिक भवन को कब्जे में ले लिया गया है। आईडीपीएल की बिजली काट दी गई है।

- देवेंद्र पुंडीर, वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश।
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