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Rishikesh News: धारी देवी और गौचर समेत 4 स्टेशनों के टेंडर फाइनल
Tue, 06 Jan 2026 02:18 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Tue, 06 Jan 2026 02:18 AM IST
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धारी देवी रेवले स्टेशन थ्रीडी फोटो। स्रोत-आरवीएनएल
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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अब धरातल पर तेजी से आकार लेने वाली है। आरवीएनएल ने धारी देवी, तिलनी, घोलतीर और गौचर स्टेशनों के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। 126 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की कमान मेरठ की आरसीसी एसोसिएट्स को सौंपी गई है, जिसे दो साल के भीतर इन आधुनिक स्टेशनों का निर्माण पूरा करना होगा।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना का निर्माण कार्य चरम पर है। वर्ष 2020 में इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। सुरंगों की खोदाई कार्य लगभग 95 फीसदी से अधिक हो चुका है।
बीते वर्ष स्टेशनों की निर्माण प्रक्रिया भी तेजी से बढ़ी। परियोजना में कुल 13 स्टेशन हैं। हालांकि इन 13 स्टेशनों में वीरभद्र स्टेशन भी शामिल है, जो आजादी से पहले का है। इसी स्टेशन से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना के ट्रैक को जोड़ा गया है।
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इसके बाद नए स्टेशन हैं, जिनमें योगनगरी रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य वर्ष 2020 में पूर्ण हो चुका है। इस स्टेशन तक ट्रेनों का संचालन होता है। वहीं, शिवपुरी और ब्यासी रेलवे स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
अब धारीदेवी, तिलनी, घोलतीर, गौचर (पैकेज थ्री) स्टेशनों के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया भी पूर्ण हो गई है। आरवीएनएल के अधिकारियों का कहना है कि एक से डेढ़ माह के भीतर इन स्टेशनों के निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। स्टेशनों के निर्माण कार्य पूर्ण करने की अवधि दो वर्ष रखी गई हैं।
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19 में से 8 पुलों का निर्माण कार्य पूरा
परियोजना में कुल 19 पुल हैं। इनमें से चंद्रभागा, शिवपुरी, गूलर, ब्यासी, कोड़ियाला, पौड़ी नाला, लक्ष्मोली और श्रीनगर पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। शेष 11 पुलों का निर्माण भी 65 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। वर्ष 2026 के अंत तक सभी पुलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
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कोट
- पैकेज थ्री के स्टेशनों का निर्माण कार्य किए जाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। आरसीसी एसोसिएटस मेरठ पैकेज थ्री के स्टेशनों का निर्माण कार्य करेगी। कार्यदायी एजेंसी को दो साल के भीतर कार्य पूर्ण करना होगा। - ओपी मालगुड़ी, उप महाप्रबंधक, सिविल, आरवीएनएल
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना का निर्माण कार्य चरम पर है। वर्ष 2020 में इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। सुरंगों की खोदाई कार्य लगभग 95 फीसदी से अधिक हो चुका है।
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बीते वर्ष स्टेशनों की निर्माण प्रक्रिया भी तेजी से बढ़ी। परियोजना में कुल 13 स्टेशन हैं। हालांकि इन 13 स्टेशनों में वीरभद्र स्टेशन भी शामिल है, जो आजादी से पहले का है। इसी स्टेशन से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना के ट्रैक को जोड़ा गया है।
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इसके बाद नए स्टेशन हैं, जिनमें योगनगरी रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य वर्ष 2020 में पूर्ण हो चुका है। इस स्टेशन तक ट्रेनों का संचालन होता है। वहीं, शिवपुरी और ब्यासी रेलवे स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
अब धारीदेवी, तिलनी, घोलतीर, गौचर (पैकेज थ्री) स्टेशनों के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया भी पूर्ण हो गई है। आरवीएनएल के अधिकारियों का कहना है कि एक से डेढ़ माह के भीतर इन स्टेशनों के निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। स्टेशनों के निर्माण कार्य पूर्ण करने की अवधि दो वर्ष रखी गई हैं।
19 में से 8 पुलों का निर्माण कार्य पूरा
परियोजना में कुल 19 पुल हैं। इनमें से चंद्रभागा, शिवपुरी, गूलर, ब्यासी, कोड़ियाला, पौड़ी नाला, लक्ष्मोली और श्रीनगर पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। शेष 11 पुलों का निर्माण भी 65 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। वर्ष 2026 के अंत तक सभी पुलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
कोट
- पैकेज थ्री के स्टेशनों का निर्माण कार्य किए जाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। आरसीसी एसोसिएटस मेरठ पैकेज थ्री के स्टेशनों का निर्माण कार्य करेगी। कार्यदायी एजेंसी को दो साल के भीतर कार्य पूर्ण करना होगा। - ओपी मालगुड़ी, उप महाप्रबंधक, सिविल, आरवीएनएल