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राज्यपाल को रूद्राक्ष की माला भेंटकर किया विदा
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परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और उनके परिवार को रूद्राक्ष की भेंट की। शनिवार को निजी कार्यक्रम के दौरान परमार्थ निकेतन पहुंची थी राज्यपाल बेबी रानी मौर्य। इस दौरान स्वामी व राज्यपाल के बीच आगामी कुंभ मेला से पहले हरिद्वार में सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ जल की आपूर्ति के लिए स्वच्छ जल की मशीनें, विकेंद्रीकृत एसटीपी प्लांट लगवाने, पर्यावरण संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई।
स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने कहा कि उत्तराखंड एक आध्यात्मिक राज्य है। हमारा देश अभी भी संस्कारों और संस्कृति की श्वांस ले रहा है। इसके आध्यात्मिक पक्ष और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए सतत विकास की ओर बढ़ना होगा। गांधी का कथन है कि वहीं तकनीक सही एवं उत्तम है जो मनुष्य का नहीं बल्कि मानवता के विकास में सहायक है। हमारी प्रगति भी मानवता और पर्यावरण की सहायक हो। उन्होंने कहा कि मनुष्य जब तक अपने सर्वोच्च सुख की लालसा रखेगा। उसका परिणाम हमारी प्रकृति और पर्यावरण को सहन करना होगा। हम अपने जीवन में छोटे-छोटे परिवर्तन कर प्रदूषण को कम कर सकते हैं। इससे हमें राज्य को भव्यता का स्वरूप दिव्यता के साथ प्रदान करना होगा।
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स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने कहा कि उत्तराखंड एक आध्यात्मिक राज्य है। हमारा देश अभी भी संस्कारों और संस्कृति की श्वांस ले रहा है। इसके आध्यात्मिक पक्ष और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए सतत विकास की ओर बढ़ना होगा। गांधी का कथन है कि वहीं तकनीक सही एवं उत्तम है जो मनुष्य का नहीं बल्कि मानवता के विकास में सहायक है। हमारी प्रगति भी मानवता और पर्यावरण की सहायक हो। उन्होंने कहा कि मनुष्य जब तक अपने सर्वोच्च सुख की लालसा रखेगा। उसका परिणाम हमारी प्रकृति और पर्यावरण को सहन करना होगा। हम अपने जीवन में छोटे-छोटे परिवर्तन कर प्रदूषण को कम कर सकते हैं। इससे हमें राज्य को भव्यता का स्वरूप दिव्यता के साथ प्रदान करना होगा।
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