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सास ने दामाद के लिए मांगी फांसी की सजा
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बेटी और नातिनों की मौत से पूरी तरह से टूट चुकी मुनिया देवी इंसाफ की आस में रानीपोखरी थाने पहुंची। पहले तो मुनिया देवी ने थाना प्रभारी को हत्यारे दामाद महेश के खिलाफ तहरीर देने की बात कही। लेकिन थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह राणा ने बताया कि पुलिस ने स्वयं आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह सुन मुनिया देवी ने कहा %बेटा मेरी बेटी, नातिनों के हत्यारे को फांसी पर चढ़ाना है%
बुधवार को मुनिया देवी परिजनों के साथ रानीपोखरी थाना पहुंचीं मुनिया देवी, नीतू की मौसी सुशीला देवी, नीतू के भाई पंकज मिश्रा, भाभी पूनम मिश्रा, ममेरे भाई हर्षित दुबे और दीपक दुबे ने थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह राणा को बताया उनको विश्वास नहीं था कि महेश ऐसा कर सकता है। मुनिया देवी ने कहा कि महेश कुमार का परिवार उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा का संपन्न और प्रतिष्ठित परिवार माना जाता है।
उन्होंने बताया कि उनके परिवार की हैसियत महेश के परिवार के मुकाबले कम थी। इसलिए महेश उनकी बेटी को प्रताड़ित करता था। मुनिया देवी ने बताया कि महेश के पास एक ट्रैक्टर ट्रॉली और एक जीप थी। लेकिन अचानक उसने काम करना बंद कर दिया और पूजा पाठ करने लगा। 2015 में वह रानीपोखरी आ गया।
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रानीपोखरी आने के बाद से पिछले साल दिवाली में उनकी बेटी नीतू को महेश ने कई सालों बाद मध्य प्रदेश के पन्ना स्थित मायके भेजा था। तब बेटी ने उनको महेश के मारपीट और ताने देने की बात बताई थी। वह उनकी बेटी को लेने मायके भी नहीं आया। मुनिया देवी ने कहा कि अगर उनको पता होता कि उनकी बेटी और नातिनों के साथ ऐसा होना है, तो वह बेटी को रानीपोखरी नहीं जाने देती और नातिनों को भी वहीं बुला लेती।
थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह राणा ने मुनिया देवी को बताया उनकी बेटी, नातिन और समधन के इंसाफ की लड़ाई अब पुलिस लड़ रही है। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
नहीं मिला आपराधिक इतिहास
रानीपोखरी थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह राणा ने बताया कि अतर्रा थाना पुलिस से महेश कुमार के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी मांगी गई थी। दो बार अतर्रा थाना पुलिस से उनकी बात हुई। लेकिन उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज होने की बात सामने नहीं आई।
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बुधवार को मुनिया देवी परिजनों के साथ रानीपोखरी थाना पहुंचीं मुनिया देवी, नीतू की मौसी सुशीला देवी, नीतू के भाई पंकज मिश्रा, भाभी पूनम मिश्रा, ममेरे भाई हर्षित दुबे और दीपक दुबे ने थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह राणा को बताया उनको विश्वास नहीं था कि महेश ऐसा कर सकता है। मुनिया देवी ने कहा कि महेश कुमार का परिवार उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा का संपन्न और प्रतिष्ठित परिवार माना जाता है।
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उन्होंने बताया कि उनके परिवार की हैसियत महेश के परिवार के मुकाबले कम थी। इसलिए महेश उनकी बेटी को प्रताड़ित करता था। मुनिया देवी ने बताया कि महेश के पास एक ट्रैक्टर ट्रॉली और एक जीप थी। लेकिन अचानक उसने काम करना बंद कर दिया और पूजा पाठ करने लगा। 2015 में वह रानीपोखरी आ गया।
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रानीपोखरी आने के बाद से पिछले साल दिवाली में उनकी बेटी नीतू को महेश ने कई सालों बाद मध्य प्रदेश के पन्ना स्थित मायके भेजा था। तब बेटी ने उनको महेश के मारपीट और ताने देने की बात बताई थी। वह उनकी बेटी को लेने मायके भी नहीं आया। मुनिया देवी ने कहा कि अगर उनको पता होता कि उनकी बेटी और नातिनों के साथ ऐसा होना है, तो वह बेटी को रानीपोखरी नहीं जाने देती और नातिनों को भी वहीं बुला लेती।
थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह राणा ने मुनिया देवी को बताया उनकी बेटी, नातिन और समधन के इंसाफ की लड़ाई अब पुलिस लड़ रही है। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
नहीं मिला आपराधिक इतिहास
रानीपोखरी थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह राणा ने बताया कि अतर्रा थाना पुलिस से महेश कुमार के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी मांगी गई थी। दो बार अतर्रा थाना पुलिस से उनकी बात हुई। लेकिन उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज होने की बात सामने नहीं आई।