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स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टीम वर्क जरूरी : प्रो. मीनू
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Iएम्स में सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित की गई कार्यशालाI
एम्स के ऋषिकेश के सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग की पहल पर भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद की ओर से वित्त पोषित अल्पकालिक अनुभवजन्य परियोजना 2023-24 के लिए एक प्रसार कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टीम की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि एम्स निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह एवं विभागाध्यक्ष सीएफएम प्रो. वर्तिका सक्सेना ने किया। निदेशक एम्स प्रो.(डॉ.) मीनू सिंह ने कहा कि नीतिगत सुधारों और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ एक सहयोगी टीम वर्क विकसित करने की आवश्यकता है। उत्तराखंड के साथ साथ अन्य राज्यों में भी इस तरह के अध्ययन आयोजित करने की आवश्यकता है।
प्रो. वर्तिका सक्सेना ने कहा कि प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल वितरण के लिए हितधारकों के साथ अध्ययन के निष्कर्षों को साझा करने के लिए इस तरह की कार्यशाला महत्वपूर्ण है। जिला सलाहकार-एनसीडी डॉ. सुनील राणा ने कहा कि हरिद्वार जनपद में शिविर प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की डिलीवरी के लिए विस्तारित सेवाओं को लागू करने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
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उन्होंने इन सेवाओं को और मजबूत करने के लिए एम्स के साथ सहयोग करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। बहादराबाद ब्लॉक के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुबोध जोशी ने भी आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से विस्तारित सेवाओं के वितरण को बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
एम्स सीएमएफ विभाग से कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रंजीता कुमारी ने परियोजना के बारे में जानकारी दी और बताया कि यह अध्ययन दो राज्यों, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में आयोजित किया गया था। प्रत्येक राज्य से दो जिलों (क्रमशः हरिद्वार और रायबरेली) को चुना गया था, जिसके तहत प्रत्येक जिले से एक ब्लॉक का चयन किया गया ।
अध्ययन के तहत कुल 22 एबी-एचडब्ल्यूसी केंद्रों का मूल्यांकन किया गया। जिसमें हरिद्वार से 12 और रायबरेली से 10 केंद्र शामिल हैं। कार्यशाला में लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधि, आशा, एएनएम, ब्लॉक बहादराबाद के सीएचओ शामिल रहे। इस अवसर पर सीएचसी बहादराबाद के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुबोध जोशी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) श्रीमती निम्मी राणा आदि मौजूद रहे।
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एम्स के ऋषिकेश के सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग की पहल पर भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद की ओर से वित्त पोषित अल्पकालिक अनुभवजन्य परियोजना 2023-24 के लिए एक प्रसार कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टीम की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि एम्स निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह एवं विभागाध्यक्ष सीएफएम प्रो. वर्तिका सक्सेना ने किया। निदेशक एम्स प्रो.(डॉ.) मीनू सिंह ने कहा कि नीतिगत सुधारों और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ एक सहयोगी टीम वर्क विकसित करने की आवश्यकता है। उत्तराखंड के साथ साथ अन्य राज्यों में भी इस तरह के अध्ययन आयोजित करने की आवश्यकता है।
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प्रो. वर्तिका सक्सेना ने कहा कि प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल वितरण के लिए हितधारकों के साथ अध्ययन के निष्कर्षों को साझा करने के लिए इस तरह की कार्यशाला महत्वपूर्ण है। जिला सलाहकार-एनसीडी डॉ. सुनील राणा ने कहा कि हरिद्वार जनपद में शिविर प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की डिलीवरी के लिए विस्तारित सेवाओं को लागू करने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
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उन्होंने इन सेवाओं को और मजबूत करने के लिए एम्स के साथ सहयोग करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। बहादराबाद ब्लॉक के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुबोध जोशी ने भी आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से विस्तारित सेवाओं के वितरण को बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
एम्स सीएमएफ विभाग से कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रंजीता कुमारी ने परियोजना के बारे में जानकारी दी और बताया कि यह अध्ययन दो राज्यों, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में आयोजित किया गया था। प्रत्येक राज्य से दो जिलों (क्रमशः हरिद्वार और रायबरेली) को चुना गया था, जिसके तहत प्रत्येक जिले से एक ब्लॉक का चयन किया गया ।
अध्ययन के तहत कुल 22 एबी-एचडब्ल्यूसी केंद्रों का मूल्यांकन किया गया। जिसमें हरिद्वार से 12 और रायबरेली से 10 केंद्र शामिल हैं। कार्यशाला में लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधि, आशा, एएनएम, ब्लॉक बहादराबाद के सीएचओ शामिल रहे। इस अवसर पर सीएचसी बहादराबाद के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुबोध जोशी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) श्रीमती निम्मी राणा आदि मौजूद रहे।