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खदरी में दहशत का पर्याय बनी मादा गुलदार पिंजरे में कैद

Sat, 18 Sep 2021 01:23 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 01:23 AM IST
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In Khadri, the female guldar became synonymous with terror, imprisoned in the cage
श्यामपुर खदरी में पिंजरे कैद मादा गुलदार। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। खदरी के गुलजार फार्म में करीब छह माह से दहशत का पर्याय बनी मादा गुलदार पिंजरे में कैद हो गई। गुलदार को रेंज कार्यालय में लाया गया है। गुलदार को शिफ्ट करने को लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देश के इंतजार किया जा रहा है। क्षेत्र में मादा गुलदार के शावकों के साथ दिखने के चलते ग्रामीणों में डर का मौहाल था।
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रेंजर महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मार्च में खदरी के गुलजार फार्म में एक मादा गुलदार अपने तीन शावकों के साथ फार्म में गन्ने के खेतों में इधर-उधर विचरण करती दिखाई दी थी। खेतों में काम करने वाले किसानों ने गुलदार के हमले की आशंका जताई थी। स्थानीय निवासियों की मांग पर वन विभाग ने गुलजार फार्म में तीन पिंजरे लगाए थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को शाम सात बजे मादा गुलदार पिंजरे में कैद हो गई। उसकी आयु करीब चार साल है। उन्होंने बताया कि मादा गुलदार को कहां शिफ्ट करना है इसके लिए उच्च अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। वहीं स्थानीय निवासी विनोद जुगलान ने बताया कि यदि वन विभाग की ओर से मादा गुलदार को आसपास के जंगलों में छोड़ा जाता है तो वह दोबारा से गुलजार फार्म आ जाएगी।
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ऐसे में वन विभाग को इस मादा गुलदार को देहरादून स्थित चिड़ियाघर में शिफ्ट कर देना चाहिए। उसके तीनों शावकों को भी पकड़कर, मादा गुलदार के साथ चिड़ियाघर में छोड़ देना चाहिए। गुलदार के पिंजरे में कैद होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
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