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Rishikesh News: छह माह से नेटवर्क को तरस रही हेंवलघाटी, पर्यटन कारोबार पर भी असर
Thu, 08 Oct 2026 07:10 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 08 Oct 2026 07:10 PM IST
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- विकासखंड मुख्यालय में भी नहीं लगता नेटवर्क, घरों और कार्यालय के अंदर से नहीं लगता फोन
यमकेश्वर। पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकासखंड की हेंवलघाटी में घट्टूगाड, मोहनचट्टी, बैरागढ़ समेत दर्जनों गांव पिछले छह महीनों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। नेटवर्क संकट से स्थानीय लोगों के साथ-साथ क्षेत्र के करीब 150 रिजॉर्ट, होटल और कैंप प्रभावित हैं, जहां 2500 से अधिक युवा काम करते हैं। पर्यटकों के लिए जीपीएस और ऑनलाइन बुकिंग तक प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार दिन में ऊंची जगहों या खेतों में जाकर किसी तरह कॉल लग जाती है, लेकिन शाम होते ही घरों के अंदर से फोन करना मुश्किल हो जाता है। जुलेड़ी, पीपलकोटी, पैंया, उमड़ा, बिनक, पोखरखाल, पातली, बासवा, कांडा और कुल्यथ समेत कई गांवों में कॉल तक नहीं लग पा रही है। तहसील और विकासखंड मुख्यालय में भी लोगों को फोन करने के लिए परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है।
हेंवलघाटी के पर्यटन कारोबार पर भी नेटवर्क की समस्या का सीधा असर पड़ रहा है। दिल्ली, हरियाणा, नोएडा, गुरुग्राम, मेरठ और हिमाचल समेत कई राज्यों से आने वाले पर्यटक ऑनलाइन जीपीएस के जरिए रिजॉर्ट तक पहुंचते हैं, लेकिन नेटवर्क न होने से जीपीएस और बुकिंग कॉल में परेशानी हो रही है।
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पर्यटन व्यवसायी सुभाष जुगलान ने बताया कि एक निजी मोबाइल ऑपरेटर के नेटवर्क में करीब छह माह से लगातार दिक्कतें आ रहीं हैं और शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने सरकार और प्रशासन से बीएसएनएल समेत अन्य मोबाइल कंपनियों के टावर लगाने की मांग की। रिजॉर्ट स्वामी अभय नौटियाल ने बताया कि बिजली गुल होने पर मोबाइल टावर भी बंद हो जाते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
कोट-
यमकेश्वर के कुछ मोबाइल टावर ने तकनीकी दिक्कतें आई थी, जो तक तक ठीक कर दी जाएंगी। बैरागढ़ क्षेत्र में टावर लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा। - गौरव राठी, एसडीओ, बीएसएनल, कोटद्वार
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यमकेश्वर। पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकासखंड की हेंवलघाटी में घट्टूगाड, मोहनचट्टी, बैरागढ़ समेत दर्जनों गांव पिछले छह महीनों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। नेटवर्क संकट से स्थानीय लोगों के साथ-साथ क्षेत्र के करीब 150 रिजॉर्ट, होटल और कैंप प्रभावित हैं, जहां 2500 से अधिक युवा काम करते हैं। पर्यटकों के लिए जीपीएस और ऑनलाइन बुकिंग तक प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार दिन में ऊंची जगहों या खेतों में जाकर किसी तरह कॉल लग जाती है, लेकिन शाम होते ही घरों के अंदर से फोन करना मुश्किल हो जाता है। जुलेड़ी, पीपलकोटी, पैंया, उमड़ा, बिनक, पोखरखाल, पातली, बासवा, कांडा और कुल्यथ समेत कई गांवों में कॉल तक नहीं लग पा रही है। तहसील और विकासखंड मुख्यालय में भी लोगों को फोन करने के लिए परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है।
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हेंवलघाटी के पर्यटन कारोबार पर भी नेटवर्क की समस्या का सीधा असर पड़ रहा है। दिल्ली, हरियाणा, नोएडा, गुरुग्राम, मेरठ और हिमाचल समेत कई राज्यों से आने वाले पर्यटक ऑनलाइन जीपीएस के जरिए रिजॉर्ट तक पहुंचते हैं, लेकिन नेटवर्क न होने से जीपीएस और बुकिंग कॉल में परेशानी हो रही है।
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पर्यटन व्यवसायी सुभाष जुगलान ने बताया कि एक निजी मोबाइल ऑपरेटर के नेटवर्क में करीब छह माह से लगातार दिक्कतें आ रहीं हैं और शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने सरकार और प्रशासन से बीएसएनएल समेत अन्य मोबाइल कंपनियों के टावर लगाने की मांग की। रिजॉर्ट स्वामी अभय नौटियाल ने बताया कि बिजली गुल होने पर मोबाइल टावर भी बंद हो जाते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
कोट-
यमकेश्वर के कुछ मोबाइल टावर ने तकनीकी दिक्कतें आई थी, जो तक तक ठीक कर दी जाएंगी। बैरागढ़ क्षेत्र में टावर लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा। - गौरव राठी, एसडीओ, बीएसएनल, कोटद्वार