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2500 छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Thu, 26 Nov 2015 01:49 AM IST
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ऋषिकेश। गढ़वाल विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण पीजी ऑटोनामस कॉलेज ऋषिकेश से पासआउट करीब 2500 छात्रों का भविष्य दांव पर है। कॉलेज को यूजीसी से ऑटोनामी मिलने के बाद से पास आउट स्नातक, परास्नातक के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं को विवि ने अब तक डिग्री नहीं दी। बताया जा रहा है कि विवि उक्त छात्रों को नामांकन संख्या आवंटित नहीं करने के चलते डिग्री नहीं दे रहा है, जबकि कॉलेज प्रशासन डिग्री देने के लिए विश्वविद्यालय को उत्तरदायी बता रहा है।
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राजकीय पीजी कॉलेज ऋषिकेश को वर्ष 2010 में यूजीसी से स्वायत्तशासी(ऑटोनामी) महाविद्यालय का दर्जा मिला था। इसके बाद से यहां से बीए, बीएससी और बीकॉम के दो बैच क्रमश: 2013 और 2014 में पास आउट हो चुके हैं। जबकि एमए, एमकॉम और एमएससी के तीन बैच और पीजी डिप्लोमा के चार बैच पास आउट हो चुके हैं। कुल पासआउट छात्रों की संख्या लगभग ढाई हजार बताई जा रही है। इनमें से किसी को भी अभी तक एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि द्वारा डिग्री नहीं दी गई है।
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ऑटोनामस कॉलेज से 2013 बैच में बीएससी उत्तीर्ण कर चुके विद्यार्थियों करुणा, आदित्य उपाध्याय, हेमंत बडोला, इति, मनीषा नेगी, प्रारब्ध तिवारी, दीपक रावत, विशाल भारद्वाज, शैलेश डिमरी, अमित सिलस्वाल ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पासआउट करने के सालभर बाद उन्हें डिग्री देनी थी।
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इस बाबत जब विवि से संपर्क साधा गया तो उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा तर्क दिया गया कि उक्त बैच को नामांकन संख्या विश्वविद्यालय द्वारा आवंटित नहीं किए गए। लिहाजा यूनिवर्सिटी से उन्हें डिग्री जारी नहीं की जा सकती। विवि प्रशासन ने उन्हें बताया कि इस मामले के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, उसका निर्णय आने के बाद ही इस दिशा में कोई कार्रवाई होगी।
छात्रों ने जब इस बाबत पीजी ऑटोनामस कालेज प्रशासन से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि डिग्री जारी करने का अधिकार विवि का है, लिहाजा यह कार्य उसी के स्तर से होना है। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसके डबराल ने बताया कि कॉलेज की ओर से विश्वविद्यालय को बच्चों से संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अब विवि स्तर से डिग्री जारी की जानी है। इस बाबत पूर्व में कई दफा बैठकें हो चुकी हैं। जिनमें ऑटोनामस कॉलेज के बच्चों की डिग्री संबंधी तमाम मसलों पर विस्तृत चर्चाएं और सहमति बन चुकी है। छात्रों की समस्याओं पर कॉलेज विवि को पत्र भेजेगा।
इनकी जारी नहीं हो पाई डिग्री
स्नातक-वर्ष 2013 और 14 -लगभग 1600 विद्यार्थी
स्नातकोत्तर-वर्ष 2012,13,14-800 विद्यार्थी
पीजी डिप्लोमा-वर्ष 2011,12,13,14-लगभग 100 विद्यार्थी