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पंपिंग स्टेशन के जाल में फंस रहा कूड़ा, बरसात में गंगा में गिरेगा गंदा पानी
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शहर की ड्रेनेज व्यवस्था बेहद लचर है। शहर के घरों की नालियों से निकलने वाले गंदे पानी को सीधा सीवर लाइन में डाल दिया जाता है। पानी के साथ घरों का कूड़ा भी सीवर लाइन में जा रहा है। यह कूड़ा त्रिवेणी घाट पंपिंग स्टेशन के बाहर नाले को चोक कर सकता है, जिससे बारिश में गंदे पानी के गंगा में गिरने की आशंका बनी हुई है।
ऋषिकेश को नगर निगम बने चार साल बीत चुके है। लेकिन निगम बारिश के पानी की निकासी के लिए शहर में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम तैयार नहीं कर पाया है। अभी तक केवल बारिश में नालों के ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी बहता था। अब गंगा में भी गंदे पानी के गिरने की आशंका बनी हुई है। नगर निगम ने नालों और नालियों को सीधा सीवर सिस्टम से जोड़ दिया है, लेकिन नालों और नालियों पर कहीं बड़े जाल लगाए है तो कहीं जाल ही नदारद हैं। इसके चलते सीवर लाइन और नालों से होते हुए कूड़ा त्रिवेणी घाट स्थित सीवर पंपिंग स्टेशन तक पहुंच रहा है। यहां पंपिंग स्टेशन तक जाने वाले नाले पर एक बड़ा जाल लगाया गया है। नाले में आने वाला कूड़ा इस जाल पर फंस रहा है, जिससे बारिश के दौरान नाले के चोक होने से गंदा पानी सीधा गंगा में गिर सकता है। इससे नालों को टेप कर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की कवायद पर पानी फिर सकता है।
ओवर फ्लो होने से सड़क पर बह रहा पानी
शहर की अधिकांश सीवर लाइन पुरानी हैं। अब नालों और नालियों से जोड़ने से सीवर लाइन की क्षमता भी जवाब देने लगी है। हाल यह है आम दिनों में चैंबरों से ओवरफ्लो होकर पानी सड़कों पर बह रहा है। ऐसे में बरसात के दौरान चैंबरों से सीवर ओवरफ्लो होने पर लोगों को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ सकता है।
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- मामला संज्ञान में नहीं है। सफाई अनुभाग के अधिकारियों को पंपिंग स्टेशन के पास निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। अगर नाले में कूड़ा आ रहा है तो स्त्रोत स्तर पर समस्या के निराकरण के लिए काम किया जाएगा।
- गिरीश चंद्र गुणवंत, नगर आयुक्त, ऋषिकेश
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ऋषिकेश को नगर निगम बने चार साल बीत चुके है। लेकिन निगम बारिश के पानी की निकासी के लिए शहर में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम तैयार नहीं कर पाया है। अभी तक केवल बारिश में नालों के ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी बहता था। अब गंगा में भी गंदे पानी के गिरने की आशंका बनी हुई है। नगर निगम ने नालों और नालियों को सीधा सीवर सिस्टम से जोड़ दिया है, लेकिन नालों और नालियों पर कहीं बड़े जाल लगाए है तो कहीं जाल ही नदारद हैं। इसके चलते सीवर लाइन और नालों से होते हुए कूड़ा त्रिवेणी घाट स्थित सीवर पंपिंग स्टेशन तक पहुंच रहा है। यहां पंपिंग स्टेशन तक जाने वाले नाले पर एक बड़ा जाल लगाया गया है। नाले में आने वाला कूड़ा इस जाल पर फंस रहा है, जिससे बारिश के दौरान नाले के चोक होने से गंदा पानी सीधा गंगा में गिर सकता है। इससे नालों को टेप कर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की कवायद पर पानी फिर सकता है।
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ओवर फ्लो होने से सड़क पर बह रहा पानी
शहर की अधिकांश सीवर लाइन पुरानी हैं। अब नालों और नालियों से जोड़ने से सीवर लाइन की क्षमता भी जवाब देने लगी है। हाल यह है आम दिनों में चैंबरों से ओवरफ्लो होकर पानी सड़कों पर बह रहा है। ऐसे में बरसात के दौरान चैंबरों से सीवर ओवरफ्लो होने पर लोगों को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ सकता है।
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- मामला संज्ञान में नहीं है। सफाई अनुभाग के अधिकारियों को पंपिंग स्टेशन के पास निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। अगर नाले में कूड़ा आ रहा है तो स्त्रोत स्तर पर समस्या के निराकरण के लिए काम किया जाएगा।
- गिरीश चंद्र गुणवंत, नगर आयुक्त, ऋषिकेश