डोईवाला। सरकार द्वारा नया गन्ना मूल्य नहीं घोषित करने के विरोध में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुगर मिल के गेट के समक्ष धरना देकर उपवास रखा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि कानूनों को सरकार को तत्काल निरस्त करना चाहिए।
सोमवार की सुबह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गन्ना खरीद मूल्य घोषित नहीं होने पर मिल गेट पर उपवास रखते हुए धरना दिया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि किसानों के समक्ष आज सबसे बड़ी समस्या अपने उत्पादों को बेचने की आ रही है। राज्य सरकार ने अभी तक नया गन्न मूल्य तय नहीं किया है। जबकि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य घोषित हो चुका है। नया पेराई सत्र शुरू कराने के लिए सरकार को मिलों को कैलेंडर बनाना चाहिए। जिससे किसानों को अगली फसल की बुवाई के लिए व्यवस्था बनाने में मदद मिल सके। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खाद नहीं मिल रही है। ऊपर से खाद के दाम बढ़ाए गए है। हरिद्वार और उधमसिंहनगर के किसानों ने उन्हें अपनी दिक्कतों को बताया है। रावत ने कहा कि अभी केवल सांकेतिक धरना देकर उपवास रखा गया है। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुशील राठी ने कहा कि कांग्रेस किसानों की हितैषी है। किसानों की समस्याओं के निदान के लिए संघर्ष किया जाएगा। धरनास्थल पर गन्ना समिति अध्यक्ष मनोज नौटियाल, नगर अध्यक्ष राजबीर सिंह, राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के प्रदेश संयोजक मोहित उनियाल, प्रदेश सचिव सागर मनवाल, अमित सैनी, उम्मेद वोरा,अब्दुल रज्जाक, अनिल सैनी, मधु थापा, रणजोध सिंह, ईश्वरचंद पाल, अशोक पाल, राहुल सैनी आदि मौजूद थे।