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गंगा किनारे अवैध निर्माण

Tue, 31 May 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश
ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश Updated Tue, 31 May 2016 01:00 AM IST
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illegal construction on ganga river side
अवैध निर्माण - फोटो : file photo

तीर्थनगरी में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। एनजीटी के तय मानकों को धता बता गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। सब कुछ देखने के बाद भी स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना है। प्रशासन पर माफियाओं से साठगांठ का आरोप लगा है।

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एनजीटी ने गंगा के दो सौ मीटर और उसकी सहायक नदियों के सौ मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगाई हुई है। जबकि रायवाला, गौहरीमाफी में सौंग और सुसवा नदी के किनारे एनजीटी के कायदे कानून को ताक में रखकर धड़ल्ले से अवैैैध निर्माण किया जा रहा है। प्रशासन के कार्रवाई न करने से माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि नदी किनारे खड़े हरे पेड़ों को भी ठिकाने लगाया जा रहा है।
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जिससे बरसात नदियों का जलस्तर बढ़ने से आबादी में बाढ़ का खतरा बनने लगा है। यह सर्वविदित है कि हर साल छिद्दरवाला, प्रतीतनगर, रायवाला और गौहरीमाफी में बाढ़ से भारी नुकसान होता है। ग्रामीण इस अवैध निर्माण की शिकायत कई बार तहसील प्रशासन से कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की इन माफियाओं से साठगांठ है। देवभूमि जन सेवा समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सेमवाल ने अवैध निर्माण पर तहसील प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग की है।
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मामला गंभीर है। निर्धारित मानकों के अनुसार गंगा और सहायक नदियों के किनारे निर्माण किया जाना चाहिए। यदि एनजीटी के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो तहसील प्रशासन इस सबंध में जांच कराएगा। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। - विनीत तोमर, एसडीएम, ऋषिकेश

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