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Rishikesh News: ट्रांसफार्मर की नहीं तारबाड़, स्कूल के बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़
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Iबजट के अभाव में राआउप्रावि. ठांगर परिसर से दूसरी जगह शिफ्ट नहीं हो पा रहा ट्रांसफार्मर
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Iपहले से लगा है ट्रांसफार्मर, लेकिन चहारदीवारी निर्माण के बाद खतरा बढ़ाI
ब्लॉक क्षेत्र में शिक्षा विभाग और ऊर्जा निगम के बीच सामंजस्य न होने के कारण राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय ठांगर (पंचूर) के बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल परिसर में बिजली का ट्रांसफार्मर लगा है। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी है। ट्रांसफार्मर शिफ्ट करवाने के लिए शिक्षा विभाग के पास बजट नहीं है, जबकि ऊर्जा निगम बगैर शुल्क जमा कराए उसे दूसरी जगह लगाने को तैयार नहीं है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक और स्कूल के शिक्षक चिंतित हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का पैतृक गांव पंचूर से महज कुछ ही दूरी पर राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय ठांगर (पंचूर) है। वर्तमान में इस विद्यालय में कक्षा छह से लेकर कक्षा आठ तक के करीब 35 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में ठांगर, पनचूर और बिथ्यानी, मुंजरा, चाय दमराड़ा गांव के बच्चे पढ़ने आते हैं। वर्ष 1976 से विद्यालय चल रहा है। ऊर्जा निगम कोटद्वार की ओर से यहां पर पहले से ट्रांसफार्मर लगाया गया है। पहले शिक्षा विभाग ने इसकी सुरक्षा घेरा बनाया था। जून 2023 में एक संस्था ने सीएसआर फंड से विद्यालय की चहारदीवारी का निर्माण कराया। इस दौरान ट्रांसफार्मर को चहारदीवारी के अंदर ले लिया। जिससे ट्रांसफार्मर विद्यालय परिसर के अंदर आ गया।
बरसात के दौरान स्कूली बच्चे को ट्रांसफार्मर में आकाशीय बिजली, करंट और शॉर्ट सर्किट का डर सताता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुभाष रावत ने बताया कि ट्रांसफार्मर को शिफ्ट करने को लेकर कई बार शिक्षा विभाग और ऊर्जा निगम कोटद्वार से शिकायत कर दी है। स्थानीय विधायक को लिखित शिकायत दे चुके हैं। मगर कोई समाधान नहीं निकला है। विथ्याणी के ग्राम प्रधान सतेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि कई बार ऊर्जा निगम के अधिकारी, बीडीसी बैठक और तहसील दिवस पर इस गंभीर प्रकरण को उठा चुके हैं। उसके बावजूद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
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Iट्रांसफार्मर विद्यालय निर्माण से पहले से ही लगा है। विद्यालय प्रशासन की ओर से ट्रांसफार्मर के बाहर से विद्यालय की चहारदीवारी कर दी गई है। कई बार शिक्षा विभाग से ट्रांसफार्मर के शिफ्टिंग में आने वाला पांच लाख रुपये का खर्च ऊर्जा निगम के खाते में जमा करने के लिए कहा, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से पैसा नहीं दिया जा रहा। जिस कारण ट्रांसफार्मर शिफ्ट नहीं किया जा सकता। - रवि अरोड़ा, एसडीओ ऊर्जा निगम कोटद्वार
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Iऊर्जा निगम की ओर से उन्हें कोई बजट का प्रस्ताव नहीं दिया गया है। विभाग के पास बजट का भी अभाव है। बजट स्वीकृति होते ही जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। - रमेश सिंह तोमर, खंड शिक्षाधिकारीI
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Iपहले से लगा है ट्रांसफार्मर, लेकिन चहारदीवारी निर्माण के बाद खतरा बढ़ाI
ब्लॉक क्षेत्र में शिक्षा विभाग और ऊर्जा निगम के बीच सामंजस्य न होने के कारण राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय ठांगर (पंचूर) के बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल परिसर में बिजली का ट्रांसफार्मर लगा है। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी है। ट्रांसफार्मर शिफ्ट करवाने के लिए शिक्षा विभाग के पास बजट नहीं है, जबकि ऊर्जा निगम बगैर शुल्क जमा कराए उसे दूसरी जगह लगाने को तैयार नहीं है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक और स्कूल के शिक्षक चिंतित हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का पैतृक गांव पंचूर से महज कुछ ही दूरी पर राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय ठांगर (पंचूर) है। वर्तमान में इस विद्यालय में कक्षा छह से लेकर कक्षा आठ तक के करीब 35 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में ठांगर, पनचूर और बिथ्यानी, मुंजरा, चाय दमराड़ा गांव के बच्चे पढ़ने आते हैं। वर्ष 1976 से विद्यालय चल रहा है। ऊर्जा निगम कोटद्वार की ओर से यहां पर पहले से ट्रांसफार्मर लगाया गया है। पहले शिक्षा विभाग ने इसकी सुरक्षा घेरा बनाया था। जून 2023 में एक संस्था ने सीएसआर फंड से विद्यालय की चहारदीवारी का निर्माण कराया। इस दौरान ट्रांसफार्मर को चहारदीवारी के अंदर ले लिया। जिससे ट्रांसफार्मर विद्यालय परिसर के अंदर आ गया।
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बरसात के दौरान स्कूली बच्चे को ट्रांसफार्मर में आकाशीय बिजली, करंट और शॉर्ट सर्किट का डर सताता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुभाष रावत ने बताया कि ट्रांसफार्मर को शिफ्ट करने को लेकर कई बार शिक्षा विभाग और ऊर्जा निगम कोटद्वार से शिकायत कर दी है। स्थानीय विधायक को लिखित शिकायत दे चुके हैं। मगर कोई समाधान नहीं निकला है। विथ्याणी के ग्राम प्रधान सतेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि कई बार ऊर्जा निगम के अधिकारी, बीडीसी बैठक और तहसील दिवस पर इस गंभीर प्रकरण को उठा चुके हैं। उसके बावजूद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
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Iट्रांसफार्मर विद्यालय निर्माण से पहले से ही लगा है। विद्यालय प्रशासन की ओर से ट्रांसफार्मर के बाहर से विद्यालय की चहारदीवारी कर दी गई है। कई बार शिक्षा विभाग से ट्रांसफार्मर के शिफ्टिंग में आने वाला पांच लाख रुपये का खर्च ऊर्जा निगम के खाते में जमा करने के लिए कहा, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से पैसा नहीं दिया जा रहा। जिस कारण ट्रांसफार्मर शिफ्ट नहीं किया जा सकता। - रवि अरोड़ा, एसडीओ ऊर्जा निगम कोटद्वार
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Iऊर्जा निगम की ओर से उन्हें कोई बजट का प्रस्ताव नहीं दिया गया है। विभाग के पास बजट का भी अभाव है। बजट स्वीकृति होते ही जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। - रमेश सिंह तोमर, खंड शिक्षाधिकारीI