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निर्माण श्रमिक का फर्जी प्रमाण पत्र जारी रहे दलाल: सहायक श्रमायुक्त
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ऋषिकेश। सहायक श्रमायुक्त केके गुप्ता ने कहा कि पिछले चार पांच साल में चंद्रेश्वर नगर और शीशमझाड़ी आदि क्षेत्रों में कुछ दलाल लोगों के फर्जी आवेदनपत्र भर रहे हैं। उन्होंने कुछ लोगों को पर निर्माण श्रमिक का फर्जी प्रमाणपत्र देने का आरोप लगाया।
यहां जारी प्रेस बयान में सहायक श्रमायुक्त की ओर से बताया गया कि कुछ दलालों की ओर से अपात्र लोगों से दो से तीन हजार रुपये लेकर फर्जी आवेदन तैयार किए जा रहे हैं। इससे ये लोगों को सरकारी और अन्य उपकरण दिलाए जाने का आश्वासन दे रहे हैं। निर्माण श्रमिक के फर्जी प्रमाणपत्र अलग-अलग ठेकेदारों के नाम से जारी किए जा रहे हैं। इन दलालों की ओर से अन्य क्षेत्रों में भी अपने एजेंट बनाए गए हैं, जबकि उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से संबंधित निर्माण श्रमिकों के आवेदन पत्र कार्यालय के काउंटर पर स्वयं उपस्थित होकर अपने मूल आवेदन, मूल प्रमाण पत्रों के साथ ऑनलाइन बायोमीट्रिक आधार पर किए जाने का प्रावधान है। डीबीटी के माध्यम से ही आवेदकों को आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से वर्तमान में जब इसकी जांच की गई तो कुछ दलालों को आपत्ति हो रही है। दलालों का कहना है कि जब पूर्व के अधिकारी स्थलीय जांच नहीं कर रहे हैं तो आप कैसे कर सकते हैं। इनके द्वारा विभागीय कार्य में बाधा भी उत्पन्न की जा रही है। कुछ लोग श्रम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। कुछ जन प्रतिनिधियों की ओर से धरनास्थल पर आकर गलत कार्य के लिए दबाव डाला जा रहा है।
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यहां जारी प्रेस बयान में सहायक श्रमायुक्त की ओर से बताया गया कि कुछ दलालों की ओर से अपात्र लोगों से दो से तीन हजार रुपये लेकर फर्जी आवेदन तैयार किए जा रहे हैं। इससे ये लोगों को सरकारी और अन्य उपकरण दिलाए जाने का आश्वासन दे रहे हैं। निर्माण श्रमिक के फर्जी प्रमाणपत्र अलग-अलग ठेकेदारों के नाम से जारी किए जा रहे हैं। इन दलालों की ओर से अन्य क्षेत्रों में भी अपने एजेंट बनाए गए हैं, जबकि उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से संबंधित निर्माण श्रमिकों के आवेदन पत्र कार्यालय के काउंटर पर स्वयं उपस्थित होकर अपने मूल आवेदन, मूल प्रमाण पत्रों के साथ ऑनलाइन बायोमीट्रिक आधार पर किए जाने का प्रावधान है। डीबीटी के माध्यम से ही आवेदकों को आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से वर्तमान में जब इसकी जांच की गई तो कुछ दलालों को आपत्ति हो रही है। दलालों का कहना है कि जब पूर्व के अधिकारी स्थलीय जांच नहीं कर रहे हैं तो आप कैसे कर सकते हैं। इनके द्वारा विभागीय कार्य में बाधा भी उत्पन्न की जा रही है। कुछ लोग श्रम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। कुछ जन प्रतिनिधियों की ओर से धरनास्थल पर आकर गलत कार्य के लिए दबाव डाला जा रहा है।
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