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Rishikesh News: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को अग्रिम जमानत
Wed, 16 Sep 2026 07:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 16 Sep 2026 07:02 PM IST
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आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को अग्रिम जमानत
ऋषिकेश। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिन्दर सिंह की अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी है। श्यामपुर निवासी विरेंद्र दत्त बेलवाल ने बीते 17 अप्रैल को आत्महत्या की थी। मृतक की पत्नी ने अजय चौधरी सहित अन्य व्यक्तियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस को बताया था कि उनके पति विरेंद्र बेलवाल ने आरोपी अजय चौधरी समेत कुछ अन्य लोगों को रकम दी थी और रकम वापस न मिलने से वह परेशान थे। आरोपी अजय चौधरी ने अग्रिम जमानत के लिए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और उसके खिलाफ कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि आरोपी ने जांच में सहयोग करते हुए अपना बैंक स्टेटमेंट विवेचक को उपलब्ध कराया है। वहीं अदालत ने आदेश में कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ मुख्य आरोप मृतक की डायरी पर आधारित हैं और डायरी की प्रमाणिकता व साक्ष्य के रूप में स्वीकार्यता विचारण का विषय है। अदालत ने पूर्व में दी गई अंतरिम अग्रिम जमानत को नियमित करते हुए जमानत मंजूर कर दी।
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ऋषिकेश। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिन्दर सिंह की अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी है। श्यामपुर निवासी विरेंद्र दत्त बेलवाल ने बीते 17 अप्रैल को आत्महत्या की थी। मृतक की पत्नी ने अजय चौधरी सहित अन्य व्यक्तियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस को बताया था कि उनके पति विरेंद्र बेलवाल ने आरोपी अजय चौधरी समेत कुछ अन्य लोगों को रकम दी थी और रकम वापस न मिलने से वह परेशान थे। आरोपी अजय चौधरी ने अग्रिम जमानत के लिए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और उसके खिलाफ कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि आरोपी ने जांच में सहयोग करते हुए अपना बैंक स्टेटमेंट विवेचक को उपलब्ध कराया है। वहीं अदालत ने आदेश में कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ मुख्य आरोप मृतक की डायरी पर आधारित हैं और डायरी की प्रमाणिकता व साक्ष्य के रूप में स्वीकार्यता विचारण का विषय है। अदालत ने पूर्व में दी गई अंतरिम अग्रिम जमानत को नियमित करते हुए जमानत मंजूर कर दी।