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अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट में अनंत ने लहराया परचम
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अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट में तृतीय स्थान पर ऋषिकेश के अनंत थपलियाल व अन्य।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। तीर्थनगरी के अनंत थपलियाल (20) ने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट के सिंगल मुकाबले में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया है। साथ ही मिक्स डबल मुकाबले में प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया है। अनंत ने अपनी इस सफलता से तीर्थनगरी का नाम रोशन किया है।
बापूग्राम निवासी अनंत थपलियाल के पिता राजीव थपलियाल ने बताया कि दीपावली के दिन यूरोप महाद्वीप के देश लूथेनिया की राजधानी विलनस में एफजेड फोरजा ओपन सीबीसी इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इसमें विश्व भर से करीब 16 देशों ने प्रतिभाग किया। इसमें भारत की ओर से अनंत थपलियाल ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि अनंत ने सिंगल मुकाबले में लूथेनिया के खिलाड़ी को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया है, जबकि मिक्स डबल मुकाबले में रूस के खिलाड़ियों को पराजित कर पहला स्थान हासिल किया है।
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पिता बॉडी बिल्डिंग चैंपियन तो मां चाहती थीं डॉक्टर बने बेटा
अनंत के पिता राजीव थपलियाल ऋषिकेश बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि वह बेटे को शुरुआत से ही बॉडी बिल्डिंग में चैंपियन बनाना चाहते थे। इसके उलट मां प्रभा थपलियाल बेटे को डॉक्टर बनाना चाहती थीं। अनंत की सफलता और स्वयं निर्णय की यह यात्रा क्षेत्र में युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
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खेल के प्रति जुनून ने पहुंचाया लूथेनिया तक
राजीव थपलियाल बताते हैं कि अनंत जब 12 वर्ष का था, तो उसके स्कूल का एक सहपाठी बैडमिंटन का अच्छा खिलाड़ी था। दोस्त के पिता भी नेपाल के लिए बैडमिंटन खेलते थे। बस, यहीं से अनंत थपलियाल के अंदर बैडमिंटन के प्रति अलख जग गई। इसके बाद उन्होंने डीएसबी स्कूल से बैडमिंटन खेलना शुरू किया। दसवीं पास होने के बाद अनंत ने देहरादून से 12वीं की और साथ ही कोच अमृत पाल से बैडमिंटन की शिक्षा ली। राज्य की ओर से अनंत का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर उन्हें नेशनल की आईडी मिली। इसके बाद उनका यूरोप महाद्वीप के लूथेनिया देश की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए चयन हुआ। वर्तमान में अनंत यहीं बैडमिंटन की बारीकियां सीख रहे हैं।
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बापूग्राम निवासी अनंत थपलियाल के पिता राजीव थपलियाल ने बताया कि दीपावली के दिन यूरोप महाद्वीप के देश लूथेनिया की राजधानी विलनस में एफजेड फोरजा ओपन सीबीसी इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इसमें विश्व भर से करीब 16 देशों ने प्रतिभाग किया। इसमें भारत की ओर से अनंत थपलियाल ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि अनंत ने सिंगल मुकाबले में लूथेनिया के खिलाड़ी को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया है, जबकि मिक्स डबल मुकाबले में रूस के खिलाड़ियों को पराजित कर पहला स्थान हासिल किया है।
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पिता बॉडी बिल्डिंग चैंपियन तो मां चाहती थीं डॉक्टर बने बेटा
अनंत के पिता राजीव थपलियाल ऋषिकेश बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि वह बेटे को शुरुआत से ही बॉडी बिल्डिंग में चैंपियन बनाना चाहते थे। इसके उलट मां प्रभा थपलियाल बेटे को डॉक्टर बनाना चाहती थीं। अनंत की सफलता और स्वयं निर्णय की यह यात्रा क्षेत्र में युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
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खेल के प्रति जुनून ने पहुंचाया लूथेनिया तक
राजीव थपलियाल बताते हैं कि अनंत जब 12 वर्ष का था, तो उसके स्कूल का एक सहपाठी बैडमिंटन का अच्छा खिलाड़ी था। दोस्त के पिता भी नेपाल के लिए बैडमिंटन खेलते थे। बस, यहीं से अनंत थपलियाल के अंदर बैडमिंटन के प्रति अलख जग गई। इसके बाद उन्होंने डीएसबी स्कूल से बैडमिंटन खेलना शुरू किया। दसवीं पास होने के बाद अनंत ने देहरादून से 12वीं की और साथ ही कोच अमृत पाल से बैडमिंटन की शिक्षा ली। राज्य की ओर से अनंत का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर उन्हें नेशनल की आईडी मिली। इसके बाद उनका यूरोप महाद्वीप के लूथेनिया देश की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए चयन हुआ। वर्तमान में अनंत यहीं बैडमिंटन की बारीकियां सीख रहे हैं।