{"_id":"5c6f0b19bdec224ba94b7a39","slug":"71550781209-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मातृभाषा को गौरव दिलाना सबकी जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मातृभाषा को गौरव दिलाना सबकी जिम्मेदारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मौके पर स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी जौलीग्रांट में विभिन्न गतिविधियों को आयोजन कर मातृभाषा के सशक्तीकरण पर जोर दिया गया। भाषण काव्य और हिंदी गीतों पर छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुतियां दी। प्रिंसिपल डॉ. संचिता पुगाजड़ी ने कहा कि 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के में रूप मनाया जाता है। दुनिया के कई विकसित और विकासशील देश मातृभाषा की बदौलत ऊंचाईयों को छू रहे हैं। मातृभाषा हिंदी को वह गौरव दिलाना सबकी जिम्मेदारी है।
हिंदी भाषा वर्षों से न केवल भारतीय संस्कृति के प्रसार का एक महत्वपूर्ण साधन रही है, बल्कि हिंदी ने संस्कृतियों के आदान प्रदान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लिटरेरी कमेटी की सदस्य प्रीति प्रभा ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारा देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है, तो इसमें मातृभाषा का प्रमुख योगदान है। शासन के कामों में मातृभाषा के प्रयोग को अनिवार्य करना होगा। कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में हिंदी का बड़ा महत्व है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग ,योगा साइंस, नर्सिंग और बायोसांइस मेडिकल कॉलेज में भी मातृभाषा दिवस पर भाषण, काव्य, गढ़वाली और हिंदी गीतों के कार्यक्रम छात्र छात्राओं ने प्रस्तुत किए। इस दौरान डॉ. लेखा विश्वनाथ, शालिनी, सुमन, जयंत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
हिंदी भाषा वर्षों से न केवल भारतीय संस्कृति के प्रसार का एक महत्वपूर्ण साधन रही है, बल्कि हिंदी ने संस्कृतियों के आदान प्रदान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लिटरेरी कमेटी की सदस्य प्रीति प्रभा ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारा देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है, तो इसमें मातृभाषा का प्रमुख योगदान है। शासन के कामों में मातृभाषा के प्रयोग को अनिवार्य करना होगा। कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में हिंदी का बड़ा महत्व है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग ,योगा साइंस, नर्सिंग और बायोसांइस मेडिकल कॉलेज में भी मातृभाषा दिवस पर भाषण, काव्य, गढ़वाली और हिंदी गीतों के कार्यक्रम छात्र छात्राओं ने प्रस्तुत किए। इस दौरान डॉ. लेखा विश्वनाथ, शालिनी, सुमन, जयंत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन