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ऋषिकेश में खुलेगी प्रदेश की पहली रेसलिंग अकादमी
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
एशिया और इंडो-नेपाल प्रतियोगिता में कुश्ती के गोल्ड पर कब्जा कर चुके लाभांशु शर्मा ऋषिकेश में उत्तराखंड की पहली रेसलिंग अकादमी खोलने जा रहे हैं। अकादमी इसी साल के अंत तक शुरू हो जाएगी। अकादमी में लड़के-लड़कियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। लाभांशु मूल रूप से ऋषिकेश के रहने वाले हैं।
न्यूजीलैंड में कुश्ती का प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे लाभांशु शर्मा ने उत्तराखंड के युवाओं के लिए रेसलिंग अकादमी खोलने की काबिले तारीफ पहल की है। इसके लिए उन्होंने विदेश में कोच पद का लाखों का पैकेज छोड़ दिया है। अकादमी में 12 से 25 आयु वर्ग के लड़के लड़कियों को प्रवेश दिया जाएगा। कुश्ती के दांव पेंच सिखाने के लिए द्रोणाचार्य अवार्डी पवन शर्मा अपना पूरा समय देंगे। अकादमी इस वर्ष के अंत तक शुरू कर दी जाएगी।
सरकार ने किया निराश
देश विदेश में बेहतरीन पहलवान के रूप में नाम कमा चुके लाभांशु शर्मा सरकार के रवैये से निराश हैं। उन्होंने बताया कि सरकार से कई बार गुहार लगाई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। लिहाजा मैंने तय किया कि अपनी सारी कमाई अकादमी खोलने पर खर्च करूंगा। इसके लिए कुनांव गांव और श्यामपुर में जमीन देखी गई है। अकादमी के लिए करीब 700 से 800 गज जमीन की आवश्यकता होती है।
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20 खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा भी होगी
अकादमी में जिम, प्रशिक्षण हाल, सोना स्टीम सहित कुल 20 खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा होगी। लाभांशु का कहना है कि अकादमी में खिलाड़ियों को देश दुनिया के नामचीन पहलवानों के अनुभव हासिल कराए जाएंगा। यहां मैट और मिट्टी दोनों पर प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।
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एशिया और इंडो-नेपाल प्रतियोगिता में कुश्ती के गोल्ड पर कब्जा कर चुके लाभांशु शर्मा ऋषिकेश में उत्तराखंड की पहली रेसलिंग अकादमी खोलने जा रहे हैं। अकादमी इसी साल के अंत तक शुरू हो जाएगी। अकादमी में लड़के-लड़कियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। लाभांशु मूल रूप से ऋषिकेश के रहने वाले हैं।
न्यूजीलैंड में कुश्ती का प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे लाभांशु शर्मा ने उत्तराखंड के युवाओं के लिए रेसलिंग अकादमी खोलने की काबिले तारीफ पहल की है। इसके लिए उन्होंने विदेश में कोच पद का लाखों का पैकेज छोड़ दिया है। अकादमी में 12 से 25 आयु वर्ग के लड़के लड़कियों को प्रवेश दिया जाएगा। कुश्ती के दांव पेंच सिखाने के लिए द्रोणाचार्य अवार्डी पवन शर्मा अपना पूरा समय देंगे। अकादमी इस वर्ष के अंत तक शुरू कर दी जाएगी।
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सरकार ने किया निराश
देश विदेश में बेहतरीन पहलवान के रूप में नाम कमा चुके लाभांशु शर्मा सरकार के रवैये से निराश हैं। उन्होंने बताया कि सरकार से कई बार गुहार लगाई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। लिहाजा मैंने तय किया कि अपनी सारी कमाई अकादमी खोलने पर खर्च करूंगा। इसके लिए कुनांव गांव और श्यामपुर में जमीन देखी गई है। अकादमी के लिए करीब 700 से 800 गज जमीन की आवश्यकता होती है।
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20 खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा भी होगी
अकादमी में जिम, प्रशिक्षण हाल, सोना स्टीम सहित कुल 20 खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा होगी। लाभांशु का कहना है कि अकादमी में खिलाड़ियों को देश दुनिया के नामचीन पहलवानों के अनुभव हासिल कराए जाएंगा। यहां मैट और मिट्टी दोनों पर प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।