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‘धर्म के अनुरूप आचरण करें मनुष्य’

Thu, 09 May 2019 01:59 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 09 May 2019 01:59 AM IST
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‘धर्म के अनुरूप आचरण करें मनुष्य’
ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। कथावाचक धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री महाराज ने कहा कि भागवत रूपी ज्ञान गंगा को आत्मसात करने से जीव को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग सुलभता से मिल जाता है। व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म के अनुरूप आचरण करना चाहिए। देहरादून रोड़ स्थित अग्रवाल धर्मशाला परिसर में आयोजित की जा रही भागवत कथा के छठवें दिन कथा वाचक ने धर्म के महत्व के बारे में श्रद्धालुओं को बताया। कहा कि धर्म के अनुरूप जीवनयापन करने से प्राणी का कल्याण होता है। जब धरती पर पाप बढ़ा तो धर्म की रक्षा के लिए ईश्वर अवतार होते हैं।
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उन्होंने कहा कि राजा कंस अत्याचारी हो गया था। अपने पिता को ही कारागार में डाल दिया। आकाशवाणी होने पर प्रिय बहन देवी और उसके पति वासुदेव को भी बंदी बना लिया। प्रभु ने भगवान कृष्ण के रूप में अवतार लेकर अत्याचारी का वध किया। भगवान कृष्ण ने अपनी बाल लीलाओं से दुनिया को मोह लिया। आयोजन समिति के सुभाष गुप्ता ने बताया कि पुर्णाहुति के साथ बृहस्पतिवार को श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का समापन हो जाएगा। इस दौरान ईश्वरचंद अग्रवाल, रामनिवास अग्रवाल, इंद्रेश अरोड़ा, हरीशचंद वर्मा, दीपा वासन, घुंघरू शर्मा आदि मौजूद थे।
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