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पारंपरिक भोजन के रूप में थाली में सजेगा बिच्छू घास : सतपाल

Fri, 15 Feb 2019 01:54 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 15 Feb 2019 01:54 AM IST
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पारंपरिक भोजन के रूप में थाली में सजेगा बिच्छू घास : सतपाल
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन के कारण घोस्ट विलेज बन रहे गांवों को होम स्टे के तौर पर विकसित करने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी योजना से उजाड़ हो रहे गांवों में दोबारा रौनक लौटेगी। रोजगार के साधन तैयार होंगे। इसके अलावा लुप्त प्राय हो रही बिच्छू घास जैसी वनस्पतियों को दोबारा पारंपरिक भोजन के रूप में पर्यटकों की थाली में परोसकर पौराणिक संस्कृति को सिंचित किया जाएगा। यह जानकारी पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अमर उजाला से हुई खास बातचीत के दौरान कही।
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एडवेंचर ट्रैवल मार्ट के तीन दिवसीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मंत्री ने पर्यटन से जुड़ी तमाम योजनाओं के बारे में रणनीति साझा की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पर्यटन की असीमित संभावनाएं हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में खास कर श्री बदरीनाथ और केदारनाथ में छह माह का पर्यटन होता है। इसे विंटर डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा, जिससे साल भी पर्यटकों की आमद बनी रहे। हमारी पौराणिक मान्यता है कि बदरीनाथ धाम में छह महीने देवता और छह महीने मनुष्य पूजा करते हैं। हमारी योजना है कि स्विटजरलैंड की तर्ज पर पंच प्रयाग, पंच केदार, वैली आफ फ्लावर, वेदिनी बुग्याल के गांवों को होम स्टे के तौर पर विकसित किया जाएगा। पारंपरिक खानपान और ट्रैवल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा।
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2030 तक तैयार होगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
पर्यटन मंत्री ने बताया कि 2030 तक उत्तराखंड में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की परिकल्पना जमीन पर लाई जाएगी। इसके लिए हरिद्वार में जमीन चिह्नित की जा रही है। यहां से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए थीम बेस उड़ानें सुनिश्चित की जाएंगी। मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि योगा फ्लाइट, हिमालय दर्शन फ्लाइट सरीखी उड़ानें विदेशों से आवागमन करेंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय संस्कृति से जुड़ाव रखने वाले देशों फिजी, मलेशिया, इंडोनेशिया सरीखे देशों पर फोकस किया जाएगा।
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जीवंत होगा पांच हजार साल पुराना इतिहास
उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से इतिहास का बेहद चर्चित जुड़ाव रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए मोस्ट एंशिएंट ट्रैक विकसित करने का काम शुरू हुआ है। इसी के तहत करीब पांच हजार साल पुराना महाभारत कालीन इतिहास दोबारा जीवंत करने की योजना है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पांडव के स्वर्गारोहण के विभिन्न पड़ावों को टूरिस्ट प्लेस के तौर पर विकसित करने का काम शुरू हो चुका है। इस योजना को और भी रोचक बनाने के लिए सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। बेहतरीन सुझावों को एक लाख से लेकर 51 हजार का इनाम भी दिया जाएगा। सतपाल महाराज का मानना है कि इससे पर्वतीय क्षेत्रों के पलायन को रोकने में खासी मदद मिलेगी।
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