{"_id":"69b8688400011d94ff0b1727","slug":"40-girl-students-wrote-letters-rishikesh-news-c-5-1-drn1046-923532-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: 40 छात्राओं ने लिखीं चिट्ठियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: 40 छात्राओं ने लिखीं चिट्ठियां
Tue, 17 Mar 2026 02:01 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Tue, 17 Mar 2026 02:01 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला पत्र लेखन पत्रियोगिता में उपस्थित छात्राएं और अध्यापक अध्यापिकाएं- संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्र-छात्राओं में लेखन सृजनात्मकता निखारने और रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अमर उजाला की ओर से विशेष अभियान के तहत टिहरी गढ़वाल के चौदहबीघा स्थित जयदेव प्रसाद उमादत्त कुड़ियाल सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 40 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
इंटर कॉलेज के शिक्षक प्रदीप रावत ने छात्राओं को डाक व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डाक वितरण में उस क्षेत्र के पिन कोड का बड़ा महत्व होता है। पत्र में पिन कोड लिखे होने से पत्र को उसके गंतव्य तक पहुंचने में कम समय लगता है।
किसी पत्र में पिन कोड गलत होता है तो उसके वितरण में समय लगता है। पहली बार चिट्ठी लिखने पर विद्यालय की छात्राएं काफी उत्साहित नजर आई। डाकिए के बारे में पूछने पर छात्राओं ने बताया कि उनके घर में एक-दो बार डाकिए एटीएम कार्ड और एलआईसी की पॉलिसी के बॉन्ड के कागज लेकर आया था।
विज्ञापन
छात्राओं ने कहा कि आज तक उन्होंने चिट्ठी नहीं लिखीं। पहली बार चिट्ठी लिख रही हैं। डाकघर के बारे में पूछने पर छात्राओं ने बताया कि उनके क्षेत्र में ऋषिकेश, मुनि की रेती, वीरभद्र, गुमानीवाला में डाकघर है। कुछ छात्राओं ने पिन कोड भी बताए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य रजनी रावत, शिक्षिका आशा असवाल, बिंदु सिंह, नमिता सेमवाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इंटर कॉलेज के शिक्षक प्रदीप रावत ने छात्राओं को डाक व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डाक वितरण में उस क्षेत्र के पिन कोड का बड़ा महत्व होता है। पत्र में पिन कोड लिखे होने से पत्र को उसके गंतव्य तक पहुंचने में कम समय लगता है।
विज्ञापन
किसी पत्र में पिन कोड गलत होता है तो उसके वितरण में समय लगता है। पहली बार चिट्ठी लिखने पर विद्यालय की छात्राएं काफी उत्साहित नजर आई। डाकिए के बारे में पूछने पर छात्राओं ने बताया कि उनके घर में एक-दो बार डाकिए एटीएम कार्ड और एलआईसी की पॉलिसी के बॉन्ड के कागज लेकर आया था।
विज्ञापन
छात्राओं ने कहा कि आज तक उन्होंने चिट्ठी नहीं लिखीं। पहली बार चिट्ठी लिख रही हैं। डाकघर के बारे में पूछने पर छात्राओं ने बताया कि उनके क्षेत्र में ऋषिकेश, मुनि की रेती, वीरभद्र, गुमानीवाला में डाकघर है। कुछ छात्राओं ने पिन कोड भी बताए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य रजनी रावत, शिक्षिका आशा असवाल, बिंदु सिंह, नमिता सेमवाल आदि उपस्थित रहे।