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तटीय क्षेत्र के 30 परिवारों को रैन बसेरे में किया शिफ्ट
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त्रिवेणी घाट में गंगा जलस्तर का निरीक्षण करती एसडीएम डॉ. अपूर्वा सिंह।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। पर्वतीय क्षेत्रों में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तहसील प्रशासन ने चंद्रेश्वर नगर और मायाकुंड क्षेत्र के 30 परिवारों को आईएसबीटी स्थित रैन बसेरे में शिफ्ट किया है। एसडीएम अपूर्वा सिंह ने विस्थापित परिवारों को गंगा का जलस्तर कम होने तक रैन बसरों में ही रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं अधिकारियों सभी परिवारों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने के लिए भी कहा है।
एसडीएम अपूर्वा सिंह ने बुधवार को चंद्रेश्वर नगर और मायाकुंड क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसडीएम ने तहसील प्रशासन और पुलिस टीम को गंगा से सटे क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। वहीं नगर निगम को तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट करने के लिए कहा। एसडीएम ने अधिकारियों को रात को गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए चंद्रेश्वर नगर और मायाकुंड क्षेत्र में तटीय क्षेत्र के बिल्कुल पास बसे परिवारों को तत्काल शिफ्ट करने के निर्देश दिए। जिसके बाद तहसील की टीम ने 30 परिवारों को आईएसबीटी स्थित रैन बसेरे में शिफ्ट कर दिया। एसडीएम ने अधिकारियों को तटीय क्षेत्र में जलभराव की स्थिति में विस्थापित केंद्रों को तैयार रखने और सभी छह बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं।
अभी गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से नीचे है। एहतियात के तौर तटीय क्षेत्र चंद्रेश्व नगर और मायाकुंड क्षेत्र के 30 परिवारों को रैने बसेरे में शिफ्ट किया गया है। गंगा के साथ चंद्रभागा, सौंग और सुसवा नदियों के जलस्तर की भी निगरानी की जा रही है। आसपास के लोगों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है।
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अपूर्वा सिंह, एसडीएम, ऋषिकेश
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एसडीएम अपूर्वा सिंह ने बुधवार को चंद्रेश्वर नगर और मायाकुंड क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसडीएम ने तहसील प्रशासन और पुलिस टीम को गंगा से सटे क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। वहीं नगर निगम को तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट करने के लिए कहा। एसडीएम ने अधिकारियों को रात को गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए चंद्रेश्वर नगर और मायाकुंड क्षेत्र में तटीय क्षेत्र के बिल्कुल पास बसे परिवारों को तत्काल शिफ्ट करने के निर्देश दिए। जिसके बाद तहसील की टीम ने 30 परिवारों को आईएसबीटी स्थित रैन बसेरे में शिफ्ट कर दिया। एसडीएम ने अधिकारियों को तटीय क्षेत्र में जलभराव की स्थिति में विस्थापित केंद्रों को तैयार रखने और सभी छह बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं।
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अभी गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से नीचे है। एहतियात के तौर तटीय क्षेत्र चंद्रेश्व नगर और मायाकुंड क्षेत्र के 30 परिवारों को रैने बसेरे में शिफ्ट किया गया है। गंगा के साथ चंद्रभागा, सौंग और सुसवा नदियों के जलस्तर की भी निगरानी की जा रही है। आसपास के लोगों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है।
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अपूर्वा सिंह, एसडीएम, ऋषिकेश