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रिसर्च विषयों पर कार्य करने की जरूरत : रवि कांत
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में रिसर्च मेथोडोलॉजी, बायोस्टैटिस्टिक्स एंड एविडेंस बेस्ड मेडिसन विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने साक्ष्य आधारित अनुसंधान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बीमार लोगों की हरसंभव मदद के लिए प्रत्येक छोटे-छोटे रिसर्च विषयों पर कार्य करने की आवश्यकता बताई। सोमवार को एम्स के मेडिकल एजुकेशन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में निदेशक प्रो. रविकांत ने प्रतिभागियों से अपने रिसर्च कार्यों और अनुभवों को साझा किया।
उन्होंने बताया कि किसी भी तरह के अनुसंधान के लिए खुले दिमाग से सोचना जरूरी है। हर रोज नई-नई तकनीक व उपचार के नए तौर तरीके इजाद हो रहे हैं, ऐसे में साक्ष्य को जानना भी उतना ही जरूरी हो गया है। उन्होंने साक्ष्यों को अपने कनिष्ठ व वरिष्ठ जनों से भी बांटने पर जोर दिया। उन्होंने हर छोटे से छोटे रिसर्च आइडिया पर कार्य करने की नितांत आवश्यकता बताई। इससे नई तकनीक व तौर तरीकों से बीमार लोगों की मदद की जा सके। इस अवसर पर मेडिकल एजुकेशन विभागाध्यक्ष प्रो. शालिनी राव, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. रवि गुप्ता, डॉ. वैंकटेश पाई, डॉ. राजेश काथरोटिया आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि किसी भी तरह के अनुसंधान के लिए खुले दिमाग से सोचना जरूरी है। हर रोज नई-नई तकनीक व उपचार के नए तौर तरीके इजाद हो रहे हैं, ऐसे में साक्ष्य को जानना भी उतना ही जरूरी हो गया है। उन्होंने साक्ष्यों को अपने कनिष्ठ व वरिष्ठ जनों से भी बांटने पर जोर दिया। उन्होंने हर छोटे से छोटे रिसर्च आइडिया पर कार्य करने की नितांत आवश्यकता बताई। इससे नई तकनीक व तौर तरीकों से बीमार लोगों की मदद की जा सके। इस अवसर पर मेडिकल एजुकेशन विभागाध्यक्ष प्रो. शालिनी राव, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. रवि गुप्ता, डॉ. वैंकटेश पाई, डॉ. राजेश काथरोटिया आदि उपस्थित रहे।
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