फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   बालिका शिक्षा के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत

बालिका शिक्षा के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत

Wed, 12 Jun 2019 01:48 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2019 01:48 AM IST
विज्ञापन
बालिका शिक्षा के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती । महिला सशक्तीकरण के लिए बालिकाओं का शिक्षित होना आवश्यक है। इसके लिए शासन स्तर पर बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए विशेष कदम उठाने की जरूरत है। वर्तमान में लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में लड़कों की अपेक्षा ज्यादा परचम लहरा रही हैं। मंगलवार को ढालवाला में आयोजित अमर उजाला की ओर से मिशन अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बालिका शिक्षा को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी उर्मिला कोहली ने किया।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि बालिका की शिक्षा की बुनियाद मजबूत होगी तो आगे चलकर वह अपने अधिकारों के प्रति सजगता के साथ सामना करेगी। अक्सर देखा जाता है कि अनपढ़ महिलाएं ज्यादातर शोषण का शिकार होती हैं। उन्हें अपने अधिकारों का ज्ञान नहीं होता है। तीर्थनगरी क्षेत्र की वर्तमान में आबादी काफी हद तक बढ़ गई है, लेकिन इस क्षेत्र में बालिकाओं के लिए एक भी कन्या महाविद्यालय नहीं है। विगत कई वर्षों से क्षेत्र में कन्या महाविद्यालय खोलने की मांग की जा रही है। इतने बड़े क्षेत्र में कन्या महाविद्यालय न होने यहां की बालिकाओं को दूर दराज के महाविद्यालयों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का खामियाजा यहां की बालिकाओं को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन


- वर्तमान में लड़कियां शिक्षा के प्रति ज्यादा गंभीर हैं, जो पढ़ लिखकर हर क्षेत्र में अपना सहयोग देकर देश को मजबूत करने का काम कर रही हैं। लड़कियां शिक्षित होकर विभिन्न क्षेत्रों सहित देश की सीमाओं पर भी पहरा दे रही हैं। यह हम सब के लिए गौरव की बात है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- निसी बलूनी गृहणी

- बालिका शिक्षा के लिए शासन स्तर पर बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो पाता है। सरकार को बालिका शिक्षा के प्रति गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। इससे अधिक से अधिक बालिकाएं शिक्षित हो सकेंगी।
- रेखा देवी गृहणी

- सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत सबको शिक्षा देने के लिए योजना तो बनाई है। हकीकत में इसका पालन कितना हो रहा है इससे सरकार खुद अनभिज्ञ है। अभी गरीब तबके की बालिकाएं अक्सर कूड़ा बीनते और मजदूरी करते आमतौर पर देखी जा सकती हैं।
- मीना देवी गृहणी

- जनजागरुकता के अभाव में अभी कई परिवार अपनी बेटियों को ज्यादा पढ़ाने से हिचकिचाते हैं। कई लोगों की अभी भी सोच है कि बेटी पढ़ लिखकर क्या करेगी, जब उसे घर का ही काम करना है। हमको यह सोच बदलने की खास जरूरत है।

- सरिता देवी गृहणी

- तीर्थनगरी क्षेत्र तीन जिलों का संगम है। वर्तमान में यहां की आबादी लगभग तीन लाख से ऊपर हो गई है। इतनी बड़ी आबादी के बीच एक भी कन्या महाविद्यालय न होना यहां की बालिकाओं के साथ अन्याय है।
- चंद्रेश्वरी देवी गृहणी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed