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दो घंटे के कार्य बहिष्कार से परेशान हो रहे लोग
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। भूलेख संवर्गीय महासंघ उत्तराखंड के आह्वान पर संग्रह अमीनों को नायब तहसीलदार के पदों के लिए आरक्षण देने के विरोध में लेखपालों का कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी। लेखपालों ने चेताया कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो टूल डाउन आंदोलन किया जाएगा। मंगलवार दूसरे दिन भी लेखपालों का तहसील में सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार रहा। तहसील आने वाले लोगों को तपती गर्मी में लेखपालों के लिए दो घंटे इंतजार करने को विवश होना पड़ा।
लेखपालों के पास लोग विभिन्न प्रमाणपत्र बनाने से लेकर जमीनों संबंधी कामों को लेकर आते हैं। सुबह तहसील क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों से आए लोगों को दो घंटे उनके काम पर लौटने का इंतजार करना पड़ा। तहसील डोईवाला के मनोज मिश्रा ने बताया कि कैबिनेट की सब कमेटी का संग्रह अमीनों का नायब तहसीलदार के लिए आरक्षण देने की व्यवस्था का प्रावधान की सिफारिश करना अनुचित है। यदि इसको लेकर शासनादेश जारी किया गया तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा हो जाएगा। कार्य बहिष्कार में सुधीर सैनी, जयपाल सिंह रावत, शंभुप्रसाद गांगुली, मंजू,नरेन्द्र पंवार आदि शामिल थे।
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लेखपालों के पास लोग विभिन्न प्रमाणपत्र बनाने से लेकर जमीनों संबंधी कामों को लेकर आते हैं। सुबह तहसील क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों से आए लोगों को दो घंटे उनके काम पर लौटने का इंतजार करना पड़ा। तहसील डोईवाला के मनोज मिश्रा ने बताया कि कैबिनेट की सब कमेटी का संग्रह अमीनों का नायब तहसीलदार के लिए आरक्षण देने की व्यवस्था का प्रावधान की सिफारिश करना अनुचित है। यदि इसको लेकर शासनादेश जारी किया गया तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा हो जाएगा। कार्य बहिष्कार में सुधीर सैनी, जयपाल सिंह रावत, शंभुप्रसाद गांगुली, मंजू,नरेन्द्र पंवार आदि शामिल थे।
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