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निर्धारित समय से 20 दिन पहले खनन लाट बंद
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। वन विकास निगम के स्वीकृत खनन लाट निर्धारित समय से 20 दिन पहलेे बंद हो गए। सरकार की ओर से खनन के लिए इतनी अवधि स्वीकृत हुई थी। खनन बंद होने से निगम निर्धारित लक्ष्य तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है। राज्य सरकार के अधीन वन विकास निगम के पास सौंग और जाखन नदियों में स्वीकृत खनन क्षेत्र हैं, जिनसे लोगों को सस्ती दरों पर खनन सामग्री मुहैया कराई जाती है। राज्य सरकार को इन नदियों में खनन के लिए मिली समय सीमा समाप्त होने पर निगम ने 25 मई की शाम को खनन बंद कर दिया।
निगम के पास रानीपोखरी, धन्याड़ी, गूलरघाटी, कालूवाला, बक्सरवाला, भोगपुर, माजरी ग्रांट और धर्मूचक में खनन लाट स्वीकृत थे। केंद्र सरकार की ओर से इन नदियों में खनन के लिए एक निश्चित समय सीमा दी गई थी। नदियों में खनन बंद होने से बाजार में खनन सामग्री के दाम महंगे होने शुरू हो जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद ही अब नए सिरे से खनन शुरू हो सकता है।
वन विकास निगम के डीएलएम शेर सिंह ने बताया कि शनिवार की शाम से स्वीकृत खनन लाट बंद कर दिए गए हैं। इस सत्र में निर्धारित लक्ष्य की पूरी तरह से प्राप्ति नही हो सकी। मध्य में ट्रैक्टर ट्रालियों से खनन सामग्री की आवाजाही बंद होने और अन्य कारणों से निगम खनन के 80 प्रतिशत लक्ष्य तक ही पहुंच सका है। खनन के लिए समय अवधि बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति के संदर्भ में कार्रवाई शुरू हो गई है।
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निगम के पास रानीपोखरी, धन्याड़ी, गूलरघाटी, कालूवाला, बक्सरवाला, भोगपुर, माजरी ग्रांट और धर्मूचक में खनन लाट स्वीकृत थे। केंद्र सरकार की ओर से इन नदियों में खनन के लिए एक निश्चित समय सीमा दी गई थी। नदियों में खनन बंद होने से बाजार में खनन सामग्री के दाम महंगे होने शुरू हो जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद ही अब नए सिरे से खनन शुरू हो सकता है।
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वन विकास निगम के डीएलएम शेर सिंह ने बताया कि शनिवार की शाम से स्वीकृत खनन लाट बंद कर दिए गए हैं। इस सत्र में निर्धारित लक्ष्य की पूरी तरह से प्राप्ति नही हो सकी। मध्य में ट्रैक्टर ट्रालियों से खनन सामग्री की आवाजाही बंद होने और अन्य कारणों से निगम खनन के 80 प्रतिशत लक्ष्य तक ही पहुंच सका है। खनन के लिए समय अवधि बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति के संदर्भ में कार्रवाई शुरू हो गई है।
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