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हटाए गए संविदाकर्मियों को दोबारा तैनाती दी जाए
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। गंगा सुरक्षा समिति ने पॉलीटेक्निक कॉलेजों से हटाए गए संविदा कर्मचारियों को पुनर्नियुक्ति देने की मांग की है। इस संदर्भ में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत को ज्ञापन सौंपा है।
जिला सहकारी बैंक निदेशक रोशनी राणा के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को प्रतिनिधिमंडल ने वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत को ज्ञापन सौंपा। रोशनी राणा ने बताया कि प्रदेश में संचालित पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लगभग 180 युवा संविदा पर कार्य कर रहे थे। वे विगत 10 - 12 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। बीते 15 दिसंबर से प्रधानाचार्यों के मौखिक आदेश पर उन्हें कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। कुछ संविदा कर्मचारी वर्तमान में कार्य तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। स्थाई नियुक्ति के बजाय संविदा पर कार्यरत युवाओं को छला जा रहा है। जिन्होंने अपने जीवन के पिछले 12 वर्ष विभागों में गंवा दिए। विभागों में पद रिक्त होने से यहां पढ़ने वाले छात्रों का पठन पाठन प्रभावित हो रहा है। विभाग से हटाए गए 180 संविदा कर्मचारियों के सामने अपने परिवार के भरण पोषण के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल में विमला बडोला, सुनिता नेगी, रजनी, सोनू, मीना गौड़, सविता, बीना जोशी, कुसुम, सरला देवी आदि शामिल रहीं।
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मुनिकीरेती। गंगा सुरक्षा समिति ने पॉलीटेक्निक कॉलेजों से हटाए गए संविदा कर्मचारियों को पुनर्नियुक्ति देने की मांग की है। इस संदर्भ में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत को ज्ञापन सौंपा है।
जिला सहकारी बैंक निदेशक रोशनी राणा के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को प्रतिनिधिमंडल ने वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत को ज्ञापन सौंपा। रोशनी राणा ने बताया कि प्रदेश में संचालित पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लगभग 180 युवा संविदा पर कार्य कर रहे थे। वे विगत 10 - 12 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। बीते 15 दिसंबर से प्रधानाचार्यों के मौखिक आदेश पर उन्हें कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। कुछ संविदा कर्मचारी वर्तमान में कार्य तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। स्थाई नियुक्ति के बजाय संविदा पर कार्यरत युवाओं को छला जा रहा है। जिन्होंने अपने जीवन के पिछले 12 वर्ष विभागों में गंवा दिए। विभागों में पद रिक्त होने से यहां पढ़ने वाले छात्रों का पठन पाठन प्रभावित हो रहा है। विभाग से हटाए गए 180 संविदा कर्मचारियों के सामने अपने परिवार के भरण पोषण के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल में विमला बडोला, सुनिता नेगी, रजनी, सोनू, मीना गौड़, सविता, बीना जोशी, कुसुम, सरला देवी आदि शामिल रहीं।
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