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दुकानों का भौतिक निरीक्षण शुरू
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। नगर निगम की 187 दुकानों में से 80 फीसदी दुकानें के खुर्दबुर्द होने के मामले में आखिरकार जांच शुरू हो गई है। इस मामले में मंगलवार को दुकानों का भौतिक निरीक्षण भी किया गया। जांच अधिकारी सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी को बनाया गया है। इस मामले में विभागीय स्तर पर भी मुख्य नगर आयुक्त को फाइल सौंपी गई है, जिसमें रिपोर्ट संलग्न की जा चुकी है कि पिछले 15 सालों में नगर निगम की दुकानों को मनमाने तरीके से खुर्दबुर्द किया गया है।
सिफारिश की गई है कि नियम विरुद्ध हुए इस घटनाक्रम में दोषी पाए जाने वाले आवंटियों का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इस मामले में काफी दिनों तक मुख्य नगर आयुक्त फाइलों का अध्ययन करते रहे। बाद में पूरा मामला सहायक नगर आयुक्त के सुपुर्द कर दिया गया। मुख्य नगर आयुक्त ने अनुबंध के निरस्तीकरण के प्रस्ताव को यह कहते हुए फिलहाल के लिए लंबित किया है कि जमीनी हकीकत पड़ताल करने के बाद ही कोई निर्णायक कदम उठाया जाए। गौरतलब है कि कुल 187 दुकानों में से ज्यादातर किराएदारों ने या तो बेच दिया है या फिर उसका स्वरूप ही बदल डाला है।
कोट्स
दुकानों के खुर्दबुर्द करने के मामले में सहायक नगर आयुक्त को जांच अधिकारी बना दिया गया है। वे अपने स्तर से जांचकर रिपोर्ट सौंपेंगे। ब्योरा आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- प्रेम लाल, मुख्य नगर आयुक्त
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सिफारिश की गई है कि नियम विरुद्ध हुए इस घटनाक्रम में दोषी पाए जाने वाले आवंटियों का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इस मामले में काफी दिनों तक मुख्य नगर आयुक्त फाइलों का अध्ययन करते रहे। बाद में पूरा मामला सहायक नगर आयुक्त के सुपुर्द कर दिया गया। मुख्य नगर आयुक्त ने अनुबंध के निरस्तीकरण के प्रस्ताव को यह कहते हुए फिलहाल के लिए लंबित किया है कि जमीनी हकीकत पड़ताल करने के बाद ही कोई निर्णायक कदम उठाया जाए। गौरतलब है कि कुल 187 दुकानों में से ज्यादातर किराएदारों ने या तो बेच दिया है या फिर उसका स्वरूप ही बदल डाला है।
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दुकानों के खुर्दबुर्द करने के मामले में सहायक नगर आयुक्त को जांच अधिकारी बना दिया गया है। वे अपने स्तर से जांचकर रिपोर्ट सौंपेंगे। ब्योरा आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- प्रेम लाल, मुख्य नगर आयुक्त