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'देवी की मूर्ति हटाई, इसलिए हुआ केदारनाथ में विनाश'

Sat, 22 Jun 2013 08:04 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 22 Jun 2013 08:04 PM IST
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removal goddess statue is main cause of destruction in kedarnath

धारी देवी की मूर्ति स्थानांतरित करने और केदारघाटी में प्राकृतिक आपदा में क्या कोई संबंध हो सकता है?

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भाजपा उपाध्यक्ष उमा भारती की मानें तो उत्तराखंड में आपदा देवी की मूर्ति हटाने के कारण ही आई है।

उन्होंने शनिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर देवी की मूर्ति मूलस्थान पर रखने का आग्रह किया।

उमा ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए अलग से रूपरेखा तैयार करने की भी मांग की गई है।

उमा ने कहा कि धारी देवी को उत्तराखंड के लोगों तथा चारधाम यात्रियों का रक्षक माना जाता है। यह भी संयोग है कि श्रीनगर विद्युत परियोजना के लिए धारी देवी की मूर्ति को 16 जून को हटाया गया। इसके बाद ही विनाशलीला देखने को मिली।

उन्होंने कहा कि यह हालांकि आस्था का प्रश्न है, लेकिन पिछले डेढ़ साल से वह इस विषय पर प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर धारी देवी की सुरक्षा के लिए आग्रह करती रही हैं।
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भाजपा नेता ने उत्तराखंड सरकार पर त्रासदी से निपटने में ढुलमुल तरीके से काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश शुरू होने के बाद ऋषिकेश से ही यात्रियों को ऊपर जाने से रोक दिया जाना चाहिए था।
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उन्होंने कहा कि गांधी सरोवर बांध 13 जून से ही भरने लगा था, इसके बावजूद केदारनाथ को खाली कराने के उपाय नहीं किए गए। इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा बताते हुए उन्होंने कहा कि अब पर्वतीय क्षेत्रों में विकास से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की जानी चाहिए और तब तक सभी परियोजनाएं रोक दी जानी चाहिए।

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